Black Friday: शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़ रुपए
punjabkesari.in Friday, Mar 13, 2026 - 03:32 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच शुक्रवार (13 मार्च) को भारतीय शेयर बाजार में भी भारी गिरावट देखने को मिली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और संभावित लंबे संघर्ष की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसका असर बाजार की चाल पर साफ दिखाई दिया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 2 प्रतिशत के करीब गिरावट दर्ज की गई।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1470.50 अंक की गिरावट के साथ 74,563.92 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 488.05 अंक टूटा, यह 23,151.10 के स्तर पर बंद हुआ।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 75,444 अंक पर खुला, जबकि गुरुवार को यह 76,034 अंक पर बंद हुआ था। शुरुआती कारोबार में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला लेकिन दोपहर के बाद बिकवाली तेज हो गई। दोपहर करीब 2 बजे सेंसेक्स लगभग 1,486 अंक यानी करीब 2 प्रतिशत गिरकर 74,548 के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी दोपहर तक करीब 485 अंक टूटकर 23,154 के आसपास पहुंच गया।
निवेशकों के लाखों करोड़ रुपए डूबे
शेयर मार्केट में गिरावट के कारण निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। बीएसई सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप सुबह-सुबह करीब 6.55 लाख करोड़ रुपए गिर गया। इस गिरावट के साथ यह करीब 433 लाख करोड़ रुपए रह गया है।
बाजार गिरने के 5 बड़े कारण
1. कमजोर वैश्विक संकेत
अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। Dow Jones Industrial Average 700 से ज्यादा अंक टूट गया, जबकि S&P 500 और Nasdaq Composite 1.5 प्रतिशत से अधिक गिर गए। ईरान से जुड़े तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
वैश्विक बेंचमार्क Brent Crude करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, जबकि WTI Crude करीब 95 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है। महंगे तेल से महंगाई और आर्थिक वृद्धि पर असर की आशंका बढ़ गई है।
3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले कारोबारी सत्र में भारतीय बाजार से 7,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिकवाली की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने करीब 7,500 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की।
4. सेक्टोरल स्तर पर दबाव
आईटी, मेटल, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में व्यापक बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी आईटी एक प्रतिशत से ज्यादा गिरा, जबकि बैंकिंग शेयरों पर भी दबाव रहा।
5. भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती वोलैटिलिटी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता से बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। India VIX करीब एक प्रतिशत बढ़ा, जो बढ़ती वोलैटिलिटी का संकेत देता है।
