MCX पर सोना-चांदी में तीसरे सत्र भी भारी गिरावट, Gold ETF 16% तक टूटे
punjabkesari.in Sunday, Feb 01, 2026 - 10:31 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः कीमती धातुओं में जारी तेज बिकवाली का असर अब निवेशकों के पोर्टफोलियो पर साफ दिखने लगा है। Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोना और चांदी में लगातार तीसरे सत्र भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते गोल्ड ETF 15–16% तक टूट गए।
1 फरवरी को बाजार खुलते ही MCX पर सोना और चांदी के फ्यूचर्स करीब 6% तक गिर गए। अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना एक ही सत्र में ₹9,140 प्रति 10 ग्राम गिरकर ₹1,43,205 प्रति 10 ग्राम पर खुला। उल्लेखनीय है कि सिर्फ तीन कारोबारी सत्रों में सोना करीब ₹50,000 प्रति 10 ग्राम (लगभग 26%) टूट चुका है। इससे पहले सोना ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम के लाइफटाइम हाई पर पहुंचा था।
गिरावट की वजहें
गिरावट की दो प्रमुख वजहें बताई जा रही हैं। पहली, अमेरिकी डॉलर की अचानक मजबूती और दूसरी हाई-लेवरेज पोजिशन में बैठे ट्रेडर्स की जबरन बिकवाली। डॉलर में मजबूती फेड चेयर के तौर पर केविन वॉर्श के नामांकन की खबर के बाद आई, जिससे ग्लोबल मार्केट में रिस्क-ऑफ माहौल बन गया और कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया।
चांदी में हालात और खराब
चांदी में गिरावट और भी ज्यादा तीखी रही। मार्च एक्सपायरी वाली चांदी ₹17,515 प्रति किलो टूटकर ₹2,74,410 प्रति किलो पर खुली। तीन सत्रों में चांदी करीब ₹1,45,638 प्रति किलो (लगभग 35%) टूट चुकी है। इससे पहले चांदी ₹4,20,048 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी।
ETF पर सीधा असर
कमोडिटी बाजार की इस तेज गिरावट का असर गोल्ड ETF पर भी साफ दिखाई दिया।
- Baroda BNP Paribas Mutual Fund का गोल्ड ETF करीब 16% गिरकर ₹135.20 पर आ गया।
- Motilal Oswal का गोल्ड ETF भी लगभग 16% टूट गया।
- इसके अलावा Edelweiss, LIC Mutual Fund और Aditya Birla Sun Life AMC के गोल्ड ETF में भी 15% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा चर्चा में रहा Nippon Life India Asset Management का Silver ETF। Nippon AMC Silver BEES शुक्रवार को 18.6% टूटकर ₹286.48 पर बंद हुआ। इसके बाद बाजार में यह चिंता उभरने लगी कि अगर गिरावट जारी रही, तो ETF में ट्रेडिंग रुक सकती है।
सर्किट लिमिट का नियम
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ETF पर सर्किट लिमिट लागू होती है। यह लिमिट T-2 नेट एसेट वैल्यू (NAV) से 20% की होती है। यदि कीमतें इस सीमा से नीचे जाती हैं, तो उस ETF में ट्रेडिंग अपने आप रोक दी जाती है। यह नियम किसी एक फंड तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे ETF सेक्टर पर लागू होता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में सोना और चांदी में जो तेज उछाल देखा गया था, वह काफी हद तक सट्टेबाजी और मजबूत सेंटिमेंट के सहारे था। जैसे ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बढ़ा और मुनाफावसूली शुरू हुई, MCX पर जोरदार बिकवाली देखने को मिली। इस गिरावट में ICICI Prudential और Zerodha से जुड़े ETF भी प्रभावित हुए हैं।
रिटेल निवेशकों के लिए यह एक साफ संकेत है कि गोल्ड ETF को पूरी तरह सुरक्षित निवेश मानकर शॉर्ट टर्म में पैसा लगाना अब जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बेहद तेज हो चुका है।
