Delhi Bullion Market: सोने-चांदी की ऊंची छलांग, 32,000 रुपए महंगी हुई चांदी, दो महीने के हाई पर सोना

punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 10:50 AM (IST)

बिजनेस डेस्कः पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक संकट के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया, जिसका सीधा असर दिल्ली के सर्राफा बाजार में देखने को मिला। सोमवार को बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में 12 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। चांदी 3 लाख रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोना 1.73 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब जा पहुंचा।

दिल्ली सर्राफा बाजार में बड़ी तेजी

All India Sarafa Association के मुताबिक, चांदी 2,68,000 रुपए से 32,000 रुपए (11.94%) उछलकर 3,00,000 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) हो गई। 99.9% शुद्धता वाला सोना 8,100 रुपए (4.92%) बढ़कर 1,72,800 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले सत्र में सोना 1,64,700 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षित परिसंपत्तियों में आक्रामक खरीदारी शुरू हुई। सप्ताहांत में ईरान पर अमेरिका और इजराइल के समन्वित सैन्य हमलों की खबरों के बाद बाजार में घबराहट बढ़ी। रिपोर्ट्स में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की बात भी सामने आई, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूती

वैश्विक बाजार में हाजिर सोना 116.38 डॉलर (2.21%) की बढ़त के साथ 5,394.28 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी भी 1.43% की तेजी के साथ 95.19 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती रही।

HDFC Securities के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी के अनुसार, सोने की कीमत दो महीने के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई है। बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षित निवेश की मांग मजबूत हुई है।

संघर्ष का बढ़ता दायरा

इस बीच, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, जॉर्डन, इराक और सीरिया में अमेरिकी सैन्य व रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई शुरू की है। इससे क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार मार्गों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

LKP Securities के उपाध्यक्ष (जिंस व मुद्रा) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिका में इस सप्ताह आने वाले आर्थिक आंकड़े—जैसे मैन्युफैक्चरिंग और नॉन-मैन्युफैक्चरिंग PMI, ADP रोजगार आंकड़े और बेरोजगारी डेटा—की वजह से बाजार में और अस्थिरता देखी जा सकती है। निवेशक फेडरल रिजर्व की नीतिगत दिशा को लेकर अपने अनुमान दोबारा तय कर रहे हैं।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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