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बेरोजगारी की मारः 7000 इंजीनियर व ग्रेजुएट बनना चाहते हैं सफाई कर्मी, भरा आवेदन

2019-11-29T10:43:42.84

नई दिल्ली: देश में बेरोजगारी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इंजीनियर, ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारक भी सफाई कर्मी बनने को तैयार हैं। जी हां आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि कोयंबटूर नगर निगम में 549 सेनेटरी वर्करों के पदों के लिए कुल 7000 इंजीनियरों, ग्रेजुएट्स और डिप्लोमा धारकों ने आवेदन किया है।
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7000 इंजीनियर-ग्रेजुएट ने किया आवेदन
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, निगम ने 549 ग्रेड-1 सफाई कर्मी के पदों के लिए आवेदन मांगे थे और 7,000 आवेदकों ने तीन दिवसीय साक्षात्कार और प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए आवेदन किया है। अधिकारी ने बताया कि इन पदों पर करीब 70 फीसदी ऐसे उम्मीदवारों ने आवेदन किया जो इंजीनियर, पोस्ट ग्रेजुएट, ग्रेजुएट और डिप्लोमा की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं। कुछ आवेदक ऐसे भी हैं जो निजी कम्पनियों में कार्यरत थे, लेकिन सरकारी नौकरी ने उन्हें आकर्षित किया क्योंकि इन पदों के लिए शुरुआती वेतन 15,700 रुपए है।
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निजी कंपनियों में वेतन कम
अधिकारी के मुताबिक, कई ग्रेजुएट आवेदकों को योग्यता के अनुसार नौकरी नहीं मिली थी और निजी कंपनियो में वेतन के रूप में केवल 6,000-7,000 रुपए के साथ परिवार का समर्थन करने के लिए काम करना पड़ा रहा है और 12 घंटे तक बिना नौकरी की सुरक्षा के साथ काम करना पड़ता है। दूसरी ओर, सेनिटरी वर्कर्स की नौकरी में सुबह के तीन घंटे और शाम के तीन घंटे के काम के समय के साथ लगभग 20,000 रुपए का वेतन मिलता है, जो उन्हें अवकाश के दौरान अन्य छोटे काम करने का विकल्प भी प्रदान करता है। निगम के पास अब 2,000 स्थायी और 500 संविदा सफाई कर्मचारी हैं।
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Supreet Kaur

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