चाणक्य नीति: इस परिस्थिति में पिया पानी होता है अमृत समान

Wednesday, February 7, 2018 1:27 PM
चाणक्य नीति: इस परिस्थिति में पिया पानी होता है अमृत समान

महान दूरदर्शी विद्वान आचार्य चाणक्य ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना करके अखण्ड भारत का निर्माण किया था। भारत के इतिहास में आचार्य चाणक्य का महत्वपूर्ण स्थान है। अपनी नीतियों के दम पर उन्होंने भारत की कई बार कठिन परिस्थतियों में रक्षा की। आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी व्यक्ति के लिए बहुत उपयोगी मानी जाती हैं। जो भी व्यक्ति नीतियों का पालन करता है, उसे जीवन में सभी सुख-सुविधाएं और कार्यों में सफलता अवश्य प्राप्त होती है। आईए जानें आचार्य की उन्हीं नीतियों में से एक के बारें में जिसमें उन्होंने बताया है कि व्यक्ति को किन परिस्थितियों में पानी नहीं पीना चाहिए। 


आचार्य चाणक्य कहते हैं कि-
अजीर्णे भेषजं वारि जीर्णे वारि बलप्रदम्।
भोजने चाऽमृतं वारि भोजनान्ते विषप्रदम्।।


इस श्लोक में आचार्य चाणक्य बताते हैं कि भोजन के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। खाना खाने के बाद जब तक खाना पच न जाए, तब तक पानी पीना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है। यदि कोई व्यक्ति भोजन के तुरंत बाद ज्यादा पानी पी लेता है तो उसके पाचन तंत्र को भोजन पचाने में काफी परेशानियां होती हैं। यदि खाना ठीक से पचेगा नहीं तो शरीर को उचित ऊर्जा प्राप्त नहीं हो सकेगी। अपच की स्थिति में पेट संबंधी रोग होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। भोजन के तुरंत बाद पानी पीने पर वह विष के समान कार्य करता है यानी भोजन के तुरंत पिया पानी फायदा नहीं नुकसान पहुंचाता है। भोजन के बीच-बीच में थोड़ा-थोड़ा पानी पी सकते हैं, लेकिन अधिक पानी पीना नुकसानदायक हो सकता है।


कब पिएं पानी
चाणक्य कहते हैं कि जब खाना पूरी तरह पच जाए तो उसके बाद पानी पीना चाहिए। खाना पचने के बाद पानी पीने पर वह अमृत के समान काम करता है। शरीर को भरपूर ऊर्जा प्रदान करता है और पाचन तंत्र भी स्वस्थ रहता है। पाचन तंत्र के स्वस्थ होने पर कब्ज, गैस, अपच आदि समस्याएं नहीं होती हैं।


ध्यान रखें, भोजन से कुछ देर पहले यानी एक घंटे या आधे घंटे पहले एक-दो गिलास पानी पी सकते हैं। खाना खाते समय बीच-बीच में एक-दो घूंट पानी पीना लाभदायक होता है। ऐसा करने पर खाना जल्दी पचता है। साथ ही, पाचन शक्ति भी बढ़ती है। हमें जब भी प्यास लगे, तब कम से कम एक गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए। ऐसा करने पर हमारा शरीर पानी की कमी नहीं होती। इस बात का भी ध्यान रखें कि शारीरिक परिश्रम करने के तुरंत बाद पानी नहीं पिएं, ऐसे काम करने के बाद, कम से कम आधे घंटे रुककर पानी पीना चाहिए।



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