अमेरिका के मोटे टैरिफ लगाने पर भी भारत शांत, वाणिज्य मंत्रालय ने दिया सटीक जवाब
punjabkesari.in Thursday, Apr 03, 2025 - 11:40 AM (IST)

Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 2 अप्रैल को घोषित नए टैरिफ ने वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। इस फैसले के तहत चीन, भारत, यूरोपीय संघ (EU) और अन्य देशों पर ‘रियायती जवाबी शुल्क’ (Discounted Reciprocal Tariff) लगाया गया है। भारत पर 26% टैरिफ लागू किया गया है, लेकिन इसे पूरी तरह से झटका नहीं माना जा रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक 5 अप्रैल से अमेरिका में सभी आयातों पर 10% शुल्क लागू होगा। 10 अप्रैल से अतिरिक्त 16% टैरिफ लगाया जाएगा, जिससे कुल 26% टैरिफ बनता है। भारत सरकार फिलहाल शांत रुख अपनाए हुए है और देख रही है कि क्या अमेरिका से बातचीत के जरिए इस टैरिफ में राहत हासिल की जा सकती है।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि इस टैरिफ का व्यापार और अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका गहराई से अध्ययन किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप ने भारत पर 52% की जगह 26% टैरिफ लगाकर व्यापार वार्ता की संभावना खुली रखी है। भारत सरकार इस नए शुल्क के प्रभावों का आकलन कर रही है और फिलहाल कोई कड़ी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव
- चीन से आयात पर 34% टैरिफ
- यूरोपीय संघ (EU) पर 20% टैरिफ
- भारत पर 26% ‘रियायती जवाबी शुल्क’
- सार्वभौमिक 10% टैरिफ 5 अप्रैल से लागू
- अतिरिक्त 16% टैरिफ 10 अप्रैल से प्रभावी
ट्रंप की रणनीति
ट्रंप प्रशासन का यह फैसला महज एक व्यापारिक कदम नहीं, बल्कि एक कूटनीतिक चाल भी हो सकता है।
भारत को 52% की जगह 26% टैरिफ देना बातचीत का संकेत हो सकता है।
ट्रंप भारत से व्यापारिक रियायतें चाहते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति को मजबूत कर रहे हैं।
वैश्विक प्रतिक्रिया
हालांकि चीन ने अमेरिका को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ब्रिटेन और ईयू ने टैरिफ पर संवाद की उम्मीद जताई। ब्राजील ने इसे डब्ल्यूटीओ (WTO) में चुनौती देने की धमकी दी। ऑस्ट्रेलिया ने इसे अनुचित बताया लेकिन जवाबी कार्रवाई से इनकार किया।