एनसीएलएटी ने वीडियोकॉन के अधिग्रहण को अनिल अग्रवाल की ट्विन स्टार की बोली पर रोक लगाई

2021-07-19T23:29:13.86

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने कर्ज के बोझ से दबी वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के अधिग्रहण के लिए उद्योगपति अनिल अग्रवाल की कंपनी ट्विन स्टार टेक्नोलॉजीज की 2,962.02 करोड़ रुपये की बोली पर रोक लगा दी है।
एनसीएलएटी के कार्यवाहक चेयरमैन न्यायमूर्ति ए आई एस चीमा की अगुवाई वाली दो सदस्यीय पीठ ने इस बरे में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ द्वारा नौ जून को पारित आदेश पर रोक लगा दी।
एनसीएलएटी का यह निर्णय दो असंतुष्ट ऋणदाताओं बैंक ऑफ महाराष्ट्र तथा आईएफसीआई लि. की याचिकाओं पर आया है।

याचिकाकर्ता कंपनियों ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज की दिवाला प्रक्रिया के दौरान परिसमापन मूल्य की गोपनीयता के संभावित उल्लंघन की संभावना जताई थी। एनसीएलटी ने अपने नौ जून के आदेश में कहा था कि 13 वीडियोकॉन समूह की कंपनियों तथा समाधान योजना का मूल्य आश्चर्यजनक रूप से काफी नजदीक था।
एनसीएलएटी ने इस बात का भी जिक्र किया कि एनसीएलटी ने अपने आदेश में यह निष्कर्ष दिया था कि ट्विन स्टार की समाधान योजना के तहत कुल कर्ज पर करीब 90 से 96 प्रतिशत नुकसान उठाना होगा। इस योजना के तहत 65,000 करोड़ रुपये की देनदारी पर 2,900 करोड़ रुपये दिए जाने का प्रस्ताव है। इस तरह इसमें करीब 62,100 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। ऐसे में वित्तीय ऋणदाताओ को अपने बकाया पर मात्र पांच से दस प्रतिशत राशि ही प्राप्त होगी।
अपीलीय न्यायाधिकरण ने ऋणदाताओं की समिति (सीओसी), वीडियोकॉन के समाधान पेशेवर तथा सफल समाधान आवेदक ट्विन स्टार को नोटिस जारी किया है।
एनसीएलएटी ने सभी से इस बारे में दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई अब सात सितंबर को होगी।
इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अधिवक्ता चैतन्य बी निकते ने पीटीआई-भाषा से कहा कि एनसीएलएटी ने बोली को मंजूरी देने वाले एनसीएलटी के आदेश पर रोक लगा दी है।


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PTI News Agency

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