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भारत दुनिया की सबसे खुली अर्थव्यवस्थाओं में से एक, निवेशकों के लिये इसमें व्यापक अवसर: मोदी

2020-07-09T20:32:16.557

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक कंपनियों को भारत में निवेश के लिये लुभाते हुये बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार का आत्मनिर्भर भारत अभियान दुनिया से अलग-थलग रहने को लेकर नहीं है। भारत आज दुनिया की सबसे ज्यादा खुली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है जो निवेशकों को अनुकूल और प्रतिस्पर्धी कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने के साथ ही व्यापक अवसर भी उपलब्ध कराती है।

उन्होंने इंडिया ग्लोबल वीक 2020 को संबोधित करते हुये कहा कि भारत कोरोना वायरस महामारी के कारण लगाये गये लॉकडाउन से बाहर आ रहा है जिसके बाद अर्थव्यवस्था में आर्थिक पुनरुद्धार के संकेत दिखने लगे हैं।

उन्होंने कहा, "आत्मनिर्भर भारत अभियान दुनिया से अलग होकर आत्मकेन्द्रित होना अथवा दुनिया के लिये दरवाजे बंद कर देना नहीं है, यह स्वयं के बलबूते चलने और आत्मसृजक होने के बारे में है। हम उन नीतियों को आगे बढ़ाएंगे जो दक्षता, न्यायसंगतता और लचीलापन को बढ़ावा देती हैं।"
कोरोना वायरस महामारी तथा इसकी रोकथाम के लिये लगाये गये लॉकडाउन के कारण उत्पन्न 1979 के बाद के सबसे बड़े आर्थिक संकट और अब तक के सबसे गंभीर संकटों में से एक से उबरने के लिये सरकार ने 20.97 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय राहत पैकेज की घोषणा की है। पैकेज में गरीबों को मुफ्त राशन और नकदी दिया जाना तथा संरचनात्मक सुधार शामिल हैं।

मोदी ने कहा, "भारत दुनिया की सबसे खुली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हम सभी वैश्विक कंपनियों को भारत में अपनी उपस्थिति का अवसर देने के लिये उनके स्वागत के लिये तैयार खड़े हैं। दुनिया में बहुत कम ऐसे देश होंगे, जो आज के समय में भारत की तरह अवसर प्रदान करते हैं।’’
उन्होंने कृषि के साथ-साथ रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्रों में वैश्विक पूंजी आकर्षित करने के लिये हाल में किये गये सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "हम अर्थव्यवस्था को अधिक उत्पादक, निवेश के अनुकूल और प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं। भारत में कई उभरते क्षेत्रों में कई संभावनाएं और अवसर हैं।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में किये गये सुधार भंडारण और रसद (लॉजिस्टिक्स) में निवेश करने के बहुत आकर्षक अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, "हम निवेशकों को आने और अपने किसानों के कठिन श्रम में सीधे निवेश करने का अवसर देने के लिये दरवाजे खोल रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि इनके साथ ही लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में सुधार किये गये हैं, जो बड़े उद्योगों के लिये पूरक होंगे।
उन्होंने रक्षा विनिर्माण की कुछ श्रेणियों को निजी कंपनियों के खोले जाने का हवाला देकर कहा, "रक्षा क्षेत्र में निवेश के अवसर हैं। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के प्रावधानों में ढील देने के साथ ही अब दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक आपका स्वागत कर रही है, और कह रही है कि आइये...हमारे लिये उत्पादन बनाइये। इसके साथ ही अंतरिक्ष क्षेत्र में भी निजी निवेश के अवसर हैं। इसका मतलब लोगों के लाभ के लिये अंतरिक्ष तकनीक व्यावसायिक उपयोग के लिये अधिक सुलभ होंगे।’’
मोदी ने कहा कि महामारी के बाद वैश्विक आर्थिक पुनरुत्थान की बातें अक्सर भारतीय अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार से जुड़ी होती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीयों के पास वह सब हासिल करने का जज्बा है, जिन्हें असंभव माना जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘कोई आश्चर्य नहीं कि भारत में पहले ही आर्थिक सुधार के संकेत दिखने लगे हैं।’’
उन्होंने कहा, "एक तरफ भारत वैश्विक महामारी के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ रहा है। लोगों के स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने के साथ ही हम अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य पर समान रूप से ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय लोग नैसर्गिक तौर से बदलाव लाने वाले होते हैं। इतिहास बताता है कि भारत ने हर चुनौती को पार किया है, चाहे वह सामाजिक हो या आर्थिक। भारत ने यह सुधार और कल्याण की भावना के साथ किया है। वही भावना अभी भी कायम है।

उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों के दौरान, भारत ने वित्तीय समावेशन, आवास और बुनियादी संरचना निर्माण, कारोबार सुगमता तथा माल एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसे साहसिक कर सुधारों की दिशा में बड़ी बढ़त हासिल की है।

उन्होंने कहा, "वैश्विक अच्छाई और समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिये भारत जो भी कर सकता है, वह करने को तैयार है। यह एक ऐसा भारत है जो सुधार कर रहा है, प्रदर्शन कर रहा है और परिवर्तन कर रहा है।’’
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के कोरोना वायरस राहत पैकेज में गरीबों को मुफ्त राशन, रसोई गैस और नकदी देने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "एक महामारी के इस समय में हमने अपने नागरिकों को राहत प्रदान की है और बड़े संरचनात्मक सुधार किये हैं। हमारा राहत पैकेज स्मार्ट और लक्षित है, जो सबसे अधिक गरीब लोगों की सहायता पर केंद्रित है। प्रौद्योगिकी का धन्यवाद कि इसके दम पर एक-एक पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंच गया है।"
उन्होंने कहा कि जब लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील दी गयी, तो सरकार ने लाखों श्रमिकों को रोजगार प्रदान करने के लिये दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक कार्यों में से एक का शुभारंभ किया। "यह न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फिर से सक्रिय करेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में एक टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण में भी मदद करेगा।"
उन्होंने कहा, इस महामारी ने एक बार फिर दिखाया है कि भारत का फार्मा उद्योग न केवल भारत के लिये बल्कि पूरे विश्व के लिए एक संपत्ति है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने विशेष रूप से विकासशील देशों के लिये दवाओं की लागत को कम करने में अग्रणी भूमिका निभायी है। दुनिया भर के बच्चों के टीकाकरण में भारत ने दो-तिहाई टीके बनाये हैं।’’
मोदी ने कहा कि भारतीय कंपनियां कोविड-19 का टीका विकसित करने और इसके उत्पादन के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि एक बार जब टीका विकसित कर लिया जायेगा, इसके उत्पादन को बढ़ाने तथा इसके पहले टीके की खोज में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।’’



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Edited By

PTI News Agency

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