श्रमिकों को मिला पूर्ण समर्थन
punjabkesari.in Tuesday, Nov 15, 2022 - 09:21 PM (IST)

नई दिल्ली : रेलवे गुड्स शेड श्रमिकों के कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक यूनियन ने रेलवे गुड्स शेड श्रमिक मंथन 2022 का आयोजन किया। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया गया था। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉन बारला, भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के अध्यक्ष परिमल कांति मंडल, अन्य शीर्ष सरकारी अधिकारियों और देश के विभिन्न हिस्सों के लगभग 1150 प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान रेलवे के माल गोदामों में काम करने वाले श्रमिकों के कल्याण में आने वाली चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा हुई।
जॉन बारला ने कहा, “दुनिया तेजी से विकसित हो रही है और देश भर के सभी क्षेत्र इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के नेतृत्व में एक नई अप्रोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह महत्वपूर्ण है कि हम उन अंतर्निहित मुद्दों पर फोकस करें जो रेलवे के माल गोदाम श्रमिकों के तेजी से विकास और प्रगति को रोकते हैं। जिन प्रमुख क्षेत्रों में जहां विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, उनमें कौशल विकास, टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग और असंगठित श्रमिकों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किए गए विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों और योजनाओं के बारे में सूचना प्रसार सब तक निर्बाध तरीके से पहुंचाना शामिल है। यह सुनिश्चित करेगा कि यह समुदाय बदलती दुनिया में बेहतर इनसाइट्स प्राप्त करे और अपनी वृद्धि व सफलता के लिए इसे अपनाने में सक्षम हो।"
बारला ने कहा कि यह जरूरी है कि असंगठित श्रमिकों को अपने हकों व अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाए, तभी वे इसकी मांग कर पाएंगे! यह पहल यह सुनिश्चित करने का तरीका है कि सरकार श्रमिकों के बड़े समूह के लिए स्पष्ट और सटीक संचार के अपने लक्ष्य तक पहुंच सकती है, जिससे उन्हें अपने लिए बेहतर भविष्य बनाने में मदद मिलती है।
मंत्री ने रेलवे माल गोदाम श्रमिकों और भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ (बीआरएमजीएसयू) को भी आश्वासन दिया कि सरकार उनकी चुनौतियों और मांगों से पूरी तरह अवगत है और वह बीआरएमजीएसयू को उसके नेक काम में समर्थन देगी।
मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा करते हुए झारखंड सरकार के पूर्व पुलिस महानिदेशक (ट्रेनिंग) डॉ. परवेज हयात ने पावरग्रिड के मुख्य सतर्कता अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल को याद किया। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे, कई अवसरों पर उन्हें असंगठित श्रमिकों के सामने आने वाली सबसे गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। डॉ. हयात ने कहा, "असंगठित श्रमिकों को उनकी रोजगार क्षमता और उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए टेक्नोलॉजी से संचालित स्किल के साथ सशक्त बनाने के साथ-साथ, कंपनियों के लिए यह भी आवश्यक है कि वे इस समूह के कल्याण के लिए अपने सीएसआर फंडिंग का लाभ उठाएं।
