MCD में 41 अधिकारियों का बड़ा फेरबदल, जानिए किन अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी
punjabkesari.in Thursday, Jul 23, 2026 - 10:59 PM (IST)
नेशनल डेस्क : दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अपने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए 41 अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया है। निगम आयुक्त की मंजूरी के बाद जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस बदलाव के पीछे सिर्फ राजस्व बढ़ाने की रणनीति नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी और आसान सेवाएं उपलब्ध कराने का भी लक्ष्य है।
दो आदेशों में हुआ बड़ा प्रशासनिक बदलाव
एमसीडी ने इस संबंध में दो अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। पहले आदेश के तहत छह वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वहीं दूसरे आदेश में छह प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला किया गया है और 29 अधिकारियों को पदोन्नति के बाद नई तैनाती दी गई है। इस तरह कुल 41 अधिकारियों को नए पद और जिम्मेदारियां मिली हैं।
क्या है इस बदलाव का मकसद?
नगर निगम का कहना है कि इस प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, राजस्व संग्रह में तेजी लाना और संपत्ति कर प्रणाली को नागरिकों के लिए अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाना है। अधिकारियों के मुताबिक, नई व्यवस्था लागू होने से ज्यादा से ज्यादा संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाया जा सकेगा और कर संबंधी प्रक्रियाओं को भी आसान बनाया जाएगा।
किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी?
नई नियुक्तियों के तहत राकेश कुमार को निदेशक (कार्मिक), निदेशक (ओ एंड एम), प्रशिक्षण और डीसी मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। एच. कश्यप को श्रम, आयुष और संयुक्त एएंडसी मुख्यालय-1 की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं कुंदन कुमार को सिविल लाइंस जोन के साथ संपत्ति कर का दायरा बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। साहिल ग्रोवर दक्षिण जोन के साथ करोल बाग जोन का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। मनस्वी चौधरी केंद्रीय क्षेत्र के साथ केशवपुरम जोन का कार्यभार देखेंगी, जबकि के.के. बर्मन मुख्यालय-2, आपदा प्रबंधन, भाषा और प्रशिक्षण से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी निभाएंगे।
कई जोनों में बदले गए अधिकारी
इसके अलावा कई प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला कर उन्हें रोहिणी, पश्चिमी, शाहदरा उत्तर, नजफगढ़ और करोल बाग सहित विभिन्न जोनों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। वहीं 29 अधिकारियों को पदोन्नति देकर अलग-अलग विभागों में नियुक्त किया गया है। एमसीडी को उम्मीद है कि इस प्रशासनिक पुनर्गठन से कामकाज में तेजी आएगी, संपत्ति कर व्यवस्था और मजबूत होगी तथा नागरिकों को पहले से अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध सेवाएं मिल सकेंगी।
