CBSE का बड़ा फैसला- Class 9 और 10 के लिए जरुरी की Third Language, बिना इसे पास किए नहीं मिलेगा बोर्ड सर्टिफिकेट
punjabkesari.in Tuesday, Jul 14, 2026 - 11:03 AM (IST)
नेशनल डेस्क: CBSE ने NEP 2020 की सिफारिशों को लागू करते हुए एक बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक अब कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों के लिए Third Language - R3 को एक अनिवार्य क्वालिफाइंग विषय बना दिया गया है। हालांकि, इस विषय के लिए बोर्ड परीक्षा नहीं ली जाएगी, बल्कि स्कूलों को अपने स्तर पर इसका Internal Assessment करना होगा। सेकेंडरी स्कूल परीक्षा का पासिंग सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए छात्रों को इस मूल्यांकन में सफल होना जरूरी होगा।
कब से लागू होगी यह नई नीति?
CBSE द्वारा जारी ताजा सर्कुलर के अनुसार, यह बदली हुई असेसमेंट पॉलिसी सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं में आने वाले छात्रों पर लागू होगी। वहीं सत्र 2027-28 के कक्षा 10वीं में आने वाले छात्रों पर पूरी तरह लागू हो जाएगी।
फेल होने पर मिलेंगे सुधा के मौके
बोर्ड ने साफ किया है कि इस नीति का मकसद छात्रों को रोकना नहीं, बल्कि उन्हें भारतीय भाषाएं सिखाना है। यदि कोई छात्र 10वीं कक्षा के दौरान तीसरी भाषा के इंटरनल असेसमेंट में फेल हो जाता है, तो स्कूल बोर्ड का फाइनल रिजल्ट जारी होने से पहले उसकी दोबारा परीक्षा (री-असेसमेंट) लेंगे। इसे पास करना अनिवार्य होगा, अन्यथा पासिंग सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। अगर कोई छात्र 9वीं कक्षा में इस विषय में क्वालिफाई नहीं कर पाता है, तो उसे 10वीं कक्षा में प्रमोट (भेज) कर दिया जाएगा। हालांकि, 10वीं की पढ़ाई के दौरान ही उसे 9वीं कक्षा का यह पेंडिंग असेसमेंट हर हाल में पास करना होगा।
कक्षा 6 से लागू है 'थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूला'
यह नया नियम CBSE के उस पिछले निर्देश की अगली कड़ी है, जिसमें शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 और उससे आगे की कक्षाओं में 'तीन-भाषा फॉर्मूला' अनिवार्य किया गया था। छात्रों को जो तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, उनमें से कम से कम दो भाषाएं मूल रूप से भारतीय होनी चाहिए।
विदेशी भाषा पढ़ने वाले छात्रों के लिए नियम
जिन छात्रों ने कक्षा 7, 8 या 9 में अंग्रेजी के साथ किसी विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच, जर्मन आदि) को चुना था, वे अपनी उस विदेशी भाषा की पढ़ाई जारी रख सकते हैं। हालांकि, थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूले की शर्त पूरी करने के लिए उन्हें इसके साथ भारत की एक स्थानीय/आधिकारिक भाषा को भी तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य रूप से सीखना होगा।
