बंग्लादेश में यूनुस के ''चिकन नेक'' वाले बयान से मचा विवाद, भड़के पूर्वोत्तर के नेता
punjabkesari.in Tuesday, Apr 01, 2025 - 04:22 PM (IST)

नेशनल डेस्क : बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के हालिया बयान पर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में उबाल आ गया है। यूनुस ने चीन से अपनी अर्थव्यवस्था को विस्तार देने के लिए भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का हवाला दिया था। इसके बाद भारतीय नेताओं ने उनकी आलोचना करते हुए इस बयान को उकसावे वाला और अस्वीकार्य बताया है।
यूनुस के बयान पर असम मुख्यमंत्री की कड़ी प्रतिक्रिया-
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मोहम्मद यूनुस के बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे उकसावे वाला और आपत्तिजनक बताया। हिमंत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि बांग्लादेश की तथाकथित अंतरिम सरकार के प्रमुख का पूर्वोत्तर भारत के "सेवन सिस्टर्स" के बारे में दिया गया बयान बेहद गलत है और इसकी कड़ी आलोचना होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर को मुख्य भूमि भारत से जोड़ने के लिए मजबूत रेल और सड़क नेटवर्क का विकास आवश्यक है। उनका कहना था कि कुछ आंतरिक तत्वों ने भी पूर्वोत्तर को मेनलैंड इंडिया से अलग करने की बात की थी, जो बेहद खतरनाक है।
टिपरा मोथा पार्टी के प्रमुख ने क्या कहा?
पार्टी अध्यक्ष टिपरा मोथा प्रद्योत माणिक्य ने भी इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इंजीनियरिंग चुनौतियों पर अरबों रुपये खर्च करने की बजाय हमें बांग्लादेश को तोड़कर अपनी समुद्री पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए। प्रद्योत ने यह भी कहा कि ये समुदाय 1947 से भारत के साथ जुड़ना चाहते थे, लेकिन आज भी बांग्लादेश में उनकी स्थिति खराब है।
कांग्रेस नेता ने भी उठाए सुरक्षा के मुद्दे-
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी इस बयान की आलोचना की और कहा कि बांग्लादेश चीन को अपने यहां आमंत्रित कर भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरे पैदा कर रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बांग्लादेश का यह रवैया हमारे राष्ट्रीय हित के खिलाफ है, क्योंकि चीन पहले ही अरुणाचल प्रदेश में गांव बसाकर हमारे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरे का कारण बन चुका है।
यूनुस ने क्या कहा था?
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने चीन दौरे पर कहा था कि बांग्लादेश का समंदर इस क्षेत्र का एकमात्र गार्जियन है। उन्होंने चीन से बांग्लादेश में निवेश करने का आग्रह करते हुए भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के लैंड लॉक्ड स्थिति को बयान किया। उनका कहना था कि पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है और इस समंदर का एकमात्र गार्जियन बांग्लादेश है।
चिकन नेक कॉरिडोर का महत्व-
चिकन नेक, जिसे सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी कहा जाता है, भारत की मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है। यह 20-22 किलोमीटर चौड़ा और 60 किलोमीटर लंबा एक रणनीतिक कॉरिडोर है। इसका भौगोलिक और सामरिक महत्व इसलिए ज़्यादा है क्योंकि यह नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और चीन जैसे देशों से घिरा हुआ है।