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गंगाा पुनरोद्धार के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम को 40 करोड़ डॉलर की सहायता देगा विश्वबैंक

2020-07-07T23:46:32.363

नई दिल्लीः विश्वबैंक नमामि गंगे कार्यक्रम को समर्थन बढ़ाने को 40 करोड़ डॉलर (3,023.10 करोड़ रुपए) की ऋण सहायता देगा। यह गंगा नदी के पुनरोद्धार का कार्यक्रम है। विश्वबैंक ने मंगलवार को कहा कि दूसरी राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन परियोजना (एसएनजीआरबीपी) से नदी का प्रदूषण कम करने और नदी बेसिन का प्रबंधन मजबूत करने में मदद मिलेगी। 

विश्वबैंक ने बयान में कहा कि इस 40 करोड़ डॉलर में से 38.1 करोड़ डॉलर 2,879 करोड़ रुपए) ऋण के रूप में और 1.9 करोड़ डॉलर (143 करोड़ रुपए) विश्वबैंक गारंटी के रूप में होंगे। इस 38.1 करोड़ डॉलर के ऋण करार पर भारत सरकार की ओर से आर्थिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव समीर कुमार खरे और विश्वबैंक के भारत में कार्यवाहक निदेशक कैसर खान ने हस्ताक्षर किए।'' गारंटी वाले पक्ष पर बात में व्यवस्था की जाएगी।

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने कहा कि इसमें से 15 करोड़ डॉलर या 1,134 करोड़ रुपए का इस्तेमाल तीन नई हाइब्रिड एन्यूइटी मोड परियोजनाओं में किया जाएगा। यह राशि आगरा, मेरठ सहारनपुर में गंगा की सहायक नदियों (यमुना और काली) पर खर्च की जाएगी। इसके अलावा 16 करोड़ डॉलर की राशि बक्सर, मुंगेर, बेगूसराय की मौजूदा डिजाइन, निर्माण, परिचालन और स्थानांतरण (डीबीओटी) परियोजनाओं तथा दीघा, कंकड़बाग-पटना तथा हावड़ा, बैली और बड़ानगर-पश्चिम बंगाल की हाइब्रिड एन्यूइटी मोड परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी। विश्वबैंक गंगा के पुनरोद्धार के सरकार के प्रयासों में 2011 से समर्थन कर रहा है। 


Pardeep

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