''डॉक्टरों को प्रताड़ित करना बंद करो'' सुसाइड नोट लिख महिला डॉक्टर ने दे दी जान...प्रसूता की मौत पर दर्ज था केस

punjabkesari.in Wednesday, Mar 30, 2022 - 02:42 PM (IST)

नेशनल डेस्क: राजस्थान के दौसा जिले के लालसोट कस्बे में एक महिला डॉक्टर ने मंगलवार को कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला डॉक्टर अर्चना शर्मा के खिलाफ सोमवार को उसके निजी अस्पताल में एक गर्भवती की मौत के बाद इलाज में लापरवाही का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने मंगलवार को कहा कि संभवत: डॉक्टर ने मामला दर्ज होने के बाद दहशत में यह कदम उठाया। महिला डॉक्टर की आत्महत्या के मामले को अन्य डॉक्टरों ने नाराजगी जताई है और काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। 

 

डॉक्टर ने सुसाइड नोट में लिखा
लेडी डॉक्टर अर्चना शर्मा सुसाइड केस में सुसाइड नोट भी सामने आया है। इस सुसाइड नोट में डॉक्टर  ने लिखा, 'मैंने कोई गलती नहीं की है, किसी को नहीं मारा, पीपीएच एक कॉम्प्लिकेशन है, इसके लिए डॉक्टरों को प्रताड़ित करना बंद करो।' सुसाइड नोट के आखिर में उन्होंने लिखा प्लीज मेरे बच्चे को मां की कमी महसूस नहीं होने देना।

 

महिला डॉक्टर को किया जा रहा था प्रताड़ित
दौसा अस्पताल प्रबंधक डॉक्टर सुनीत उपाध्याय ने बताया कि 22 साल की महिला आशा बैरवा प्रसव के लिए अस्पताल आई थी मगर पहले से ही ज़्यादा ब्लीडिंग होने की वजह से उसे बचाया नहीं जा सका। स्थानीय कांग्रेस नेताओं की वजह से डॉक्टर अर्चना शर्मा पर हत्या का मामला दर्ज किया था। अस्पताल के बाहर प्रसूता के रिश्तेदारों और नेताओं के धरने से भी अर्चना काफी परेशान थी। पुलिस भी उसे प्रताड़ित कर रही थी।  इसके बाद महिला डॉक्टर अर्चना शर्मा ने खुदकुशी कर ली। इससे नाराज होकर आईएमए ने राज्य के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों में हड़ताल का ऐलान किया है। आईएमए ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, अगर अस्पताल में मौत हुई है तो इलाज में लापरवाही की धारा 304 लगाकर और कमेटी बनाकर जांच कर सकते हैं।

 

CM अशोक गहलोत बोले- दोषी बख्शे नहीं जाएंगे
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लालसोट कस्बे में इलाज में लापरवाही का मामला दर्ज होने के बाद एक महिला चिकित्सक द्वारा आत्महत्या किए जाने पर दुख जताते हुए बुधवार को कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। गहलोत ने ट्वीट किया, ‘‘दौसा में डॉ. अर्चना शर्मा की आत्महत्या की घटना बेहद दुखद है। हम सभी डॉक्टरों को भगवान का दर्जा देते हैं। हर डॉक्टर मरीज की जान बचाने के लिए अपना पूरा प्रयास करता है, लेकिन कोई भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना होते ही डॉक्टर पर आरोप लगाना न्यायोचित नहीं है।'' उन्होंने कहा कि अगर इस तरह डॉक्टरों को डराया जाएगा तो वे निश्चित होकर अपना काम कैसे कर पाएंगे और हम सभी को सोचना चाहिए है कि कोरोना वायरस या अन्य दूसरी बीमारियों के समय अपनी जान का खतरा मोल लेकर सभी की सेवा करने वाले डॉक्टरों से ऐसा बर्ताव कैसे किया जा सकता है।


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Content Writer

Seema Sharma

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