Budget 2026: क्या छुट्टी के दिन बजट पेश कर इतिहास रचेंगी निर्मला सीतारमण? जानिए
punjabkesari.in Tuesday, Jan 06, 2026 - 01:46 PM (IST)
Budget 2026: संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति (CCPA) बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रही है, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी बजट सत्र की आधिकारिक तारीखों को अंतिम रूप देना है। राजनीतिक और आर्थिक गलियारों में इस बात को लेकर सबसे अधिक उत्सुकता है कि इस बार बजट किस दिन पेश किया जाएगा, क्योंकि 1 फरवरी को रविवार और गुरु रविदास जयंती का सार्वजनिक अवकाश पड़ रहा है।
परंपरा बरकरार रखने की तैयारी
साल 2017 से ही भारत में बजट 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश करने की एक निश्चित परंपरा रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार इस निरंतरता को बनाए रखना चाहती है। भले ही इस साल 1 फरवरी को रविवार है, लेकिन संभावना यही है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसी दिन अपना लगातार 9वां बजट पेश करेंगी। यह कोई पहली बार नहीं होगा। इससे पहले 1999 में भी रविवार को बजट पेश किया जा चुका है और पिछले साल भी शनिवार को अंतरिम बजट पेश किया गया था।
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बजट सत्र का संभावित कार्यक्रम
सरकारी सूत्रों के हवाले से जो संभावित शेड्यूल सामने आया है, उसके मुताबिक बजट सत्र का आगाज़ 28 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हो सकता है। इसके अगले दिन यानी 29 जनवरी को सरकार 'आर्थिक सर्वेक्षण' (Economic Survey) पेश कर सकती है। 30 और 31 जनवरी को संसद की छुट्टी रहने की उम्मीद है, जिसके बाद 1 फरवरी को रविवार के दिन देश का आम बजट पेश किया जा सकता है।

सत्र के दो चरणों की रूपरेखा
बजट सत्र को दो अलग-अलग हिस्सों में विभाजित किया जा सकता है। पहले चरण में, जो लगभग तीन सप्ताह तक चलेगा, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट पर सामान्य चर्चा होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे। सत्र का दूसरा हिस्सा चार सप्ताह लंबा हो सकता है, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों और महत्वपूर्ण सरकारी विधेयकों पर गहन चर्चा के बाद उन्हें पारित किया जाएगा।
1999 में रविवार को पेश हुआ था बजट
अगर इस बार बजट रविवार को पेश होता है तो ऐसा पहली बार नहीं होगा। इससे पहले साल 1999 में 28 फरवरी रविवार को बजट पेश किया गया था। यह बजट उस समय के तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने किया था। उस समय उन्होंने शाम 5 बजे के बजाए सुबह 11 बजे बजट पेश करने की शुरुआत भी की थी।
