AI अब बनेगा स्कूल का जरूरी सब्जेक्ट! 2026 से कक्षा 3 से शुरू होगी नई पढ़ाई
punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 05:25 PM (IST)
नेशनल डेस्क: भारत में स्कूली शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय बड़ा कदम उठाने जा रहा है। 2026-27 शैक्षणिक सत्र से कक्षा 3 से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और Computational Thinking को पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाएगा। उच्च कक्षाओं के लिए AI का नया और ज्यादा एडवांस सिलेबस 2027 से लागू करने की तैयारी है।
यह बदलाव Ministry of Education की उस रणनीति का हिस्सा है, जो National Education Policy 2020 (NEP 2020) और National Curriculum Framework for School Education 2023 (NCF-SE 2023) के अनुरूप तैयार की गई है। उद्देश्य साफ है—बच्चों को AI-ड्रिवन दुनिया के लिए तैयार करना।
क्या बदलने जा रहा है? AI शिक्षा का नया रोडमैप
- कक्षा 3 से 8: बुनियादी स्तर पर AI की शुरुआत (2026-27 से)
- AI और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग की बेसिक समझ दी जाएगी।
- इसे “The World Around Us” जैसे विषयों के साथ जोड़ा जाएगा।
इन चीजों पर होगा फोकस
- तार्किक सोच (Logical Thinking)
- समस्या समाधान (Problem Solving)
- AI का नैतिक उपयोग (Ethical AI Use)
- आसान AI टूल्स की पहचान
इसका ड्राफ्ट सिलेबस Central Board of Secondary Education (CBSE) ने तैयार किया है, जिसकी समीक्षा National Council of Educational Research and Training (NCERT) द्वारा की जा रही है।
कक्षा 9 और 10: AI होगा अनिवार्य विषय
- वर्तमान व्यवस्था जारी रहेगी, लेकिन संरचना अधिक व्यवस्थित होगी।
- एडवांस्ड कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और AI एप्लिकेशन पर ज्यादा जोर।
- छात्रों को प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग से जोड़ा जाएगा।
- कक्षा 11 और 12: 2027-28 से नया एडवांस सिलेबस
- 2027-28 सत्र से पूरी तरह अपडेटेड AI पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।
- NCERT ने विशेषज्ञों की एक टेक्स्टबुक डेवलपमेंट कमेटी बनाई है।
- नया सिलेबस मशीन लर्निंग, प्रोग्रामिंग, AI एथिक्स और रियल-वर्ल्ड एप्लिकेशन पर केंद्रित होगा।
- 2029 में 12वीं बोर्ड परीक्षा इसी नए सिलेबस के आधार पर आयोजित की जाएगी।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
AI अब हेल्थकेयर, बैंकिंग, इंडस्ट्री, मीडिया और शिक्षा जैसे हर क्षेत्र में तेजी से प्रवेश कर चुका है। शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि यदि बच्चों को शुरुआती कक्षाओं से ही AI की समझ दी जाए, तो वे भविष्य की नौकरियों और तकनीकी चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे।
शिक्षकों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम जैसे NISHTHA और डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल तैयार किए जा रहे हैं, ताकि वे नए पाठ्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।
अभी क्या स्थिति है?
फिलहाल कक्षा 6 से 12 तक AI वैकल्पिक विषय या स्किल मॉड्यूल के रूप में उपलब्ध है। नया फ्रेमवर्क इसे अधिक संरचित, व्यापक और कई स्तरों पर अनिवार्य बनाएगा।
