Middle East में युद्ध का असर…क्या भारत में पड़ेगी पेट्रोल-डीजल की किल्लत? सरकार ने उठाया बड़ा कदम!
punjabkesari.in Saturday, Mar 21, 2026 - 06:55 AM (IST)
नेशनल डेस्कः मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास हालात बिगड़ने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं होगी। सरकार ने हालात को संभालने के लिए Russia से तेल आयात फिर से बढ़ा दिया है।
फरवरी में क्यों घटी थी रूस से खरीद?
फरवरी में भारत ने रूस से तेल आयात कम कर दिया था:
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करीब 32% गिरावट
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आयात घटकर 10 लाख बैरल प्रति दिन रह गया
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यह जून 2025 के पीक का लगभग आधा था
इस दौरान Iraq भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया था।
मिडिल ईस्ट से आयात में उछाल
रूस से कमी के बीच भारत ने मिडिल ईस्ट का रुख किया:
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इराक से आयात बढ़कर 11.8 लाख बैरल/दिन
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Saudi Arabia से करीब 10 लाख बैरल/दिन सप्लाई
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कुल आयात में मिडिल ईस्ट की हिस्सेदारी 59% तक पहुंच गई
अब फिर रूस की वापसी
अब हालात तेजी से बदल रहे हैं:
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रूस से सप्लाई बढ़कर 18 लाख बैरल/दिन
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मार्च में यह 20 लाख बैरल/दिन तक पहुंच सकती है
एक्सपर्ट्स के अनुसार, रूस भारत की ऊर्जा रणनीति में अभी भी सबसे अहम भूमिका निभा रहा है।
तनाव का सप्लाई पर असर
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Strait of Hormuz में बाधाएं
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Iran से जुड़े तनाव
इन कारणों से सप्लाई चेन प्रभावित हुई, जिससे भारत को अपने तेल स्रोत बदलने पड़े।
नए सप्लायर भी जुड़े
भारत अब जोखिम कम करने के लिए सप्लायर बढ़ा रहा है:
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Brazil से आयात में बढ़ोतरी
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ब्राजील अब भारत का चौथा सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है
