खाड़ी तनाव का असर: दुबई-अबू धाबी रूट पर बड़ा झटका, एयर इंडिया की कई उड़ानें अचानक रद्द
punjabkesari.in Sunday, Mar 15, 2026 - 11:35 AM (IST)
International Desk: मध्य-पूर्व में बढ़ते सुरक्षा तनाव के बीच भारत और यूएई के बीच हवाई यातायात पर भी असर दिखने लगा है। भारतीय एयरलाइन Air India और Air India Express ने 15 मार्च 2026 के लिए अपनी कई उड़ानों में कटौती की घोषणा की है। यह फैसला यूएई के एयरपोर्ट अधिकारियों के निर्देशों के बाद लिया गया है। एयर इंडिया के अनुसार, दिल्ली-दुबई मार्ग पर सिर्फ एक रिटर्न फ्लाइट संचालित की जाएगी, जबकि दुबई के लिए प्रस्तावित पांच में से चार उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस के मामले में भी स्थिति लगभग यही है। कंपनी ने बताया कि दिल्ली-दुबई मार्ग पर केवल एक रिटर्न फ्लाइट चलेगी, जबकि दुबई के लिए तय छह में से पांच उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
Air India issues an update - Following instructions from UAE Airport Authorities, Air India and Air India Express are compelled to curtail their ad‑hoc operations for 15 March 2026.
— ANI (@ANI) March 15, 2026
Air India: Operating one Delhi–Dubai return flight; four of the five planned Dubai flights are… pic.twitter.com/GzP6OnlsTu
अबू धाबी की सभी उड़ानें रद्द
Abu Dhabi के लिए स्थिति और सख्त है। एयर इंडिया एक्सप्रेस की सभी पांच निर्धारित उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिससे इस मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
शारजाह के लिए कुछ उड़ानें जारी
हालांकि Sharjah के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस कुछ उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है। इनमें भारत के कई शहर शामिल हैं, जैसे:
- दिल्ली
- कन्नूर
- कोच्चि
- कोझिकोड
- मुंबई
- तिरुवनंतपुरम
रास अल खैमाह से सीमित उड़ानें
इसी तरह Ras Al Khaimah से भी एयर इंडिया एक्सप्रेस कोझिकोड और कोच्चि के लिए उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है। हालांकि एयरलाइन ने साफ किया है कि ये उड़ानें स्लॉट उपलब्धता और उस समय की सुरक्षा स्थिति पर निर्भर करेंगी। यानी हालात के अनुसार इनमें और बदलाव भी हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण एयर ट्रैफिक, शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति तीनों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के कार्यक्रम में और बदलाव संभव हैं।
