ईरान के अहम ट्रांजिट हब पर अमेरिकी हवाई हमला: भारत के रणनीतिक पोर्ट के करीब गूंजे धमाके(Video)
punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 02:29 PM (IST)
International Desk: मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच United States ने Iran के दक्षिण-पूर्वी इलाके में स्थित Chabahar Free Trade Zone के पास सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। रिपोर्टों के अनुसार सोमवार को क्षेत्र में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जब अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। फिलहाल इस हमले में हताहतों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है।
US jets strike military facilities near Iran's Chabahar free trade zone
— IndiaToday (@IndiaToday) March 16, 2026
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चाबहार फ्री ट्रेड ज़ोन क्यों है रणनीतिक रूप से अहम
Chabahar Free Trade Zone ईरान के Sistan and Baluchestan Province में पाकिस्तान सीमा के पास स्थित है। 1992 में स्थापित यह क्षेत्र कई कारणों से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ईरान का एकमात्र महासागरीय बंदरगाह है जिसे सीधे Indian Ocean तक पहुंच है। यह मध्य एशिया और अफगानिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट कॉरिडोर है। यहां से Uzbekistan, Turkmenistan और Afghanistan तक व्यापारिक मार्ग जाता है। इसी वजह से यह बंदरगाह वैश्विक व्यापार और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
⚡American fighter jets struck military targets on a mountain near the Iranian city of Chabahar Free Trade Zone, Voice of America reports in Persian in X.
— The Caspian Post (@thecaspianpost) March 16, 2026
The Chabahar Free Trade Zone is located in Iran's southeastern Sistan and Baluchestan province, near the border with… pic.twitter.com/84xm82gBHL
भारत के लिए चाबहार क्यों महत्वपूर्ण
India ने चाबहार पोर्ट के विकास में निवेश किया है। इसका उद्देश्य पाकिस्तान को बायपास करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच बनाना, क्षेत्रीय व्यापार बढ़ाना, अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण ट्रांजिट कॉरिडोर को मजबूत करना है।इसलिए चाबहार के आसपास सैन्य गतिविधि भारत के लिए भी रणनीतिक चिंता का विषय बन सकती है।
पहले भी निशाना बन चुके हैं सैन्य ठिकाने
रिपोर्टों के अनुसार 28 फरवरी को शुरू हुए संयुक्त अमेरिका-इजरायल हमलों के दौरान भी इस प्रांत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना बताया गया है। इसी बीच Dubai में स्थित Dubai International Airport के पास भी ड्रोन हमले के बाद ईंधन टैंक में आग लग गई, जिससे कुछ समय के लिए उड़ानें रोक दी गईं। हालांकि बाद में दमकल टीमों ने आग पर काबू पा लिया और किसी के घायल होने की खबर नहीं आई।
