ईरान के 'क्राउन ज्वेल' खारग द्वीप पर अमेरिका की बड़ी स्ट्राइक: ट्रंप बोले- 'मजे के लिए कर सकते हैं और हमले', देखें VIDEO
punjabkesari.in Sunday, Mar 15, 2026 - 08:13 AM (IST)
US Israel Iran War News: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल हब, खारग द्वीप (Kharg Island) पर बड़े हमलों की पुष्टि की है। शनिवार को दिए एक इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने द्वीप पर मौजूद ईरान के 100% सैन्य ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया है।
अभी समझौता हमारे हिसाब से नहीं
ट्रंप ने कहा कि हालांकि ईरान अब संघर्ष को खत्म करने के लिए समझौते की मेज पर आता दिख रहा है, लेकिन अभी शर्तें अमेरिका के पक्ष में पर्याप्त नहीं हैं। ट्रंप ने बेबाक अंदाज में कहा कि हमने खारग द्वीप का ज्यादातर हिस्सा तबाह कर दिया है और हम मजे के लिए (just for fun) इस पर कुछ और बार हमला कर सकते हैं।
🚨🇺🇸🇮🇷 BREAKING: Trump publishes strike footage from Kharg Island.
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) March 14, 2026
Iran's crown jewel is now completely defenseless and Trump is making sure Tehran sees the footage.
The message couldn't be louder: open Hormuz or the oil terminals are next...pic.twitter.com/3TuAGDiIH7 https://t.co/KKiHVpDaMD
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित करने की तैयारी
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर जानकारी दी कि ईरान की सैन्य क्षमता अब लगभग खत्म हो चुकी है, लेकिन वह अभी भी समुद्री जलमार्ग में खदानों या छोटे ड्रोनों के जरिए बाधा डाल सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और अन्य मित्र देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में युद्धपोत तैनात करेंगे। दुनिया के अन्य देश (जैसे ब्रिटेन, फ्रांस, जापान) भी इस मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका का साथ देंगे। लक्ष्य यह है कि वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री परिवहन बिना किसी डर के जारी रह सके।
खौफ में संयुक्त अरब अमीरात- बंदरगाह खाली करने की चेतावनी
ईरान ने अमेरिका-इजरायल हमलों का बदला लेने की कसम खाई है। इसी कड़ी में ईरानी सरकारी मीडिया ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तीन बड़े बंदरगाहों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया है:-
- जेबेल अली बंदरगाह (Jebel Ali Port)
- खलीफा बंदरगाह (Khalifa Port)
- फुजैरा बंदरगाह (Fujairah Port)
ईरान का आरोप है कि अमेरिका इन बंदरगाहों का इस्तेमाल उस पर हमले करने के लिए कर रहा है। निवासियों और कामगारों को तुरंत इलाका छोड़ने को कहा गया है, जिससे क्षेत्र में युद्ध के और फैलने की आशंका बढ़ गई है।
मौत का आंकड़ा: 1300 से पार, खामेनेई की मौत का दावा
युद्ध की विभीषिका अब मानवीय आंकड़ों में सामने आ रही है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सनसनीखेज दावे किए हैं। अमेरिका और इजरायल के हमलों में अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इरावानी के अनुसार, इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई उच्चाधिकारी भी मारे गए हैं। राजदूत ने आरोप लगाया कि जानबूझकर रिहायशी इलाकों और स्कूलों को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी का अनुमान है कि मरने वालों की संख्या 1858 से अधिक हो सकती है, जिसमें नागरिक और सैनिक दोनों शामिल हैं।
