UPI Goes Global: विदेशों में अब कैश भेजने का झंझट खत्म! दुनिया के हर कोने तक पहुंचेगा UPI, कर सकेंगे फटाफट Payment

punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 10:46 AM (IST)

UPI Global Expansion Strategy : भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली यानी UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) जल्द ही दुनिया के हर कोने में धूम मचा सकता है। भारत सरकार कथित तौर पर सिंगापुर स्थित फिनटेक दिग्गज एंट इंटरनेशनल (Ant International) के साथ एक ऐतिहासिक साझेदारी पर विचार कर रही है। इस योजना के तहत UPI को Alipay+ नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है जिससे भारतीय यूजर्स के लिए विदेशों में भुगतान करना उतना ही आसान हो जाएगा जितना अपने पड़ोस की दुकान पर।

विदेशी यात्रा में अब कैश की झंझट खत्म

इस संभावित डील का सबसे सीधा असर भारतीय पर्यटकों पर पड़ेगा। सिंगापुर, जापान या यूरोप की यात्रा के दौरान आपको विदेशी करेंसी (डॉलर या यूरो) के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी। इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड्स पर लगने वाले भारी-भरकम ट्रांजैक्शन चार्ज से भारतीय यात्री बच सकेंगे। आप विदेशों में मौजूद उन सभी मर्चेंट्स (दुकानदारों) को UPI ऐप से स्कैन करके पैसे भेज सकेंगे जो Alipay+ नेटवर्क का हिस्सा हैं।

यह भी पढ़ें: Silent Heart Attack: युवाओं के लिए खतरे की घंटी! सिर्फ सीने का तेज दर्द ही नहीं, ये संकेत भी हैं हार्ट अटैक का संकेत

PunjabKesari

Alipay+ का विशाल नेटवर्क और UPI की ताकत

यह समझौता दो डिजिटल दिग्गजों का मिलन होगा। यह प्लेटफॉर्म दुनिया भर में 1.8 अरब यूजर अकाउंट्स और 15 करोड़ से अधिक मर्चेंट्स को जोड़ता है। इसका जाल एशिया, यूरोप, मिडिल ईस्ट और लैटिन अमेरिका तक फैला है। भारत में हर महीने लगभग 18 अरब लेनदेन UPI के जरिए हो रहे हैं। वैश्विक स्तर पर Alipay+ से जुड़ने पर भारतीय रुपया एक अंतरराष्ट्रीय डिजिटल करेंसी के रूप में उभरेगा।

यह भी पढ़ें: Heavy Rain Alert: अगले 24 घंटे में इस राज्य में भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

भारत-चीन रिश्तों में डिजिटल नरमी के संकेत

पिछले कुछ वर्षों में भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के कारण तकनीकी निवेश और चीनी ऐप्स पर कड़ी पाबंदी रही है। हालांकि Alipay+ के साथ यह बातचीत संबंधों में सुधार की नई लहर मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी की चीन यात्रा और सीधी उड़ानों की बहाली जैसे कदमों के बाद यह 'फिनटेक डिप्लोमेसी' रिश्तों को और मजबूत कर सकती है। हालांकि कंपनी का मुख्यालय सिंगापुर में है लेकिन इसके चीनी कनेक्शन को देखते हुए भारत का वित्त मंत्रालय, RBI और NPCI सुरक्षा मानकों की कड़ी जांच कर रहे हैं।

PunjabKesari

अभी क्या है स्थिति?

फिलहाल यह बातचीत शुरुआती चरण में है। आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है क्योंकि अंतिम फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा गोपनीयता (Data Privacy) को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा। यदि इस डील को हरी झंडी मिलती है तो यह भारत के 'डिजिटल इंडिया' अभियान के लिए एक बड़ी वैश्विक जीत होगी।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Rohini Oberoi

Related News