Payment Rules Change: UPI, नेट बैंकिंग यूजर्स ध्यान दें! 1 अप्रैल से बदल जाएगा ऑनलाइन पेमेंट का तरीका

punjabkesari.in Saturday, Mar 28, 2026 - 11:13 AM (IST)

बिजनेस डेस्कः 1 अप्रैल से डिजिटल पेमेंट करने का तरीका पूरी तरह बदलने जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए नए नियम लागू करने का फैसला किया है। अब UPI, नेट बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट के जरिए होने वाले हर ट्रांजेक्शन पर अतिरिक्त सुरक्षा लागू होगी।

हर ट्रांजेक्शन पर होगी डबल सुरक्षा

नए नियमों के तहत RBI ने सभी डिजिटल पेमेंट के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य कर दिया है यानी अब किसी भी ऑनलाइन भुगतान को पूरा करने के लिए यूजर्स को दो अलग-अलग चरणों में अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी, जिससे ट्रांजेक्शन पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा। अभी तक कई प्लेटफॉर्म्स पर सिंगल क्लिक या केवल एक पिन से पेमेंट हो जाता था लेकिन अब यह सिस्टम बदल जाएगा।

क्या है नया नियम?

RBI की गाइडलाइंस के मुताबिक... 

  • हर ट्रांजेक्शन में कम से कम दो ऑथेंटिकेशन फैक्टर जरूरी होंगे
  • इनमें से एक फैक्टर डायनेमिक (हर बार बदलने वाला) होना चाहिए
  • यह OTP, बायोमीट्रिक या रियल-टाइम कोड हो सकता है

अगर नियमों का पालन नहीं होता और फ्रॉड होता है, तो उसकी जिम्मेदारी बैंक या सर्विस प्रोवाइडर की होगी।

ऐसे काम करेगा 2FA सिस्टम

अब पेमेंट के दौरान आपको इन में से किसी दो तरीकों का इस्तेमाल करना होगा:

  • OTP + PIN
  • बायोमीट्रिक (फिंगरप्रिंट/फेस) + डिवाइस वेरिफिकेशन
  • टोकन + पासवर्ड

पहले जहां एक ही स्टैटिक PIN से काम चल जाता था, अब हर ट्रांजेक्शन के लिए नया सुरक्षा कोड जेनरेट होगा, जिससे हैकिंग का खतरा काफी कम हो जाएगा।

ग्राहकों को मिलेंगे कई विकल्प

बैंक और फिनटेक कंपनियों को ग्राहकों को अलग-अलग सुरक्षा विकल्प देने होंगे। ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार तरीका चुन सकेंगे।

आम लोगों को क्या फायदा?

  • फ्रॉड पर लगेगी रोक: डबल सुरक्षा के कारण स्कैम करना मुश्किल होगा
  • पैसा रहेगा सुरक्षित: पासवर्ड लीक होने पर भी ट्रांजेक्शन नहीं हो पाएगा
  • बैंकों की जिम्मेदारी बढ़ेगी: गलती होने पर ग्राहक को सुरक्षा मिलेगी

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Content Writer

jyoti choudhary

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