लगातार फेल हो रहे UPI ट्रांजैक्शन, एक्शन मोड में सरकार, बैंकों को दिए निर्देश
punjabkesari.in Wednesday, Apr 01, 2026 - 10:55 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः सरकार ने डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बढ़ते UPI ट्रांजैक्शन फेल मामलों को देखते हुए बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर इस समस्या को जल्द दूर करें।
दरअसल, तकनीकी गड़बड़ियों और यूजर्स की गलतियों की वजह से UPI पेमेंट फेल होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लगातार फेल हो रहे ट्रांजैक्शन से देश के सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल पेमेंट नेटवर्क पर लोगों का भरोसा कमजोर पड़ने का खतरा है।
NPCI करेगा समीक्षा
मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, NPCI अब बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा करेगा और पेमेंट सक्सेस रेट बढ़ाने के लिए जरूरी कदम सुझाएगा। खासतौर पर छोटे बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिली है।
भरोसे पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ट्रांजैक्शन फेल होने की दर ज्यादा बनी रहती है, तो लोग डिजिटल पेमेंट से दूरी बना सकते हैं। बैंक अधिकारी भी मानते हैं कि यह पता लगाना जरूरी है कि समस्या तकनीकी है या ग्राहकों की जागरूकता की कमी है।
क्यों फेल होते हैं ट्रांजैक्शन?
UPI पेमेंट फेल होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं—जैसे सर्वर डाउन होना, बैंक या NPCI नेटवर्क में दिक्कत, गलत PIN डालना या ट्रांजैक्शन लिमिट पार होना।
UPI ने बनाया रिकॉर्ड
इन चुनौतियों के बावजूद UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कुल 218.6 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 284.7 लाख करोड़ रुपये रही। जनवरी 2026 में सबसे ज्यादा 21.7 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जो अब तक का उच्चतम स्तर है।
कुल मिलाकर, जहां एक तरफ UPI का इस्तेमाल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है, वहीं ट्रांजैक्शन फेल की समस्या को समय रहते सुलझाना सिस्टम के भरोसे के लिए बेहद जरूरी हो गया है।
