Gold-Silver Price Crash: चांदी 9000 रुपये सस्ती... सोने में भी भारी गिरावट, जानें अब के नए रेट
punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 10:56 PM (IST)
नेशनल डेस्क: पिछले कुछ समय से सोना और चांदी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे थे। चांदी के दाम जहां एक साल में करीब तीन गुना तक बढ़ गए, वहीं सोने की कीमतों में लगभग 80 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। चांदी का रिकॉर्ड हाई स्तर 3.35 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था, जबकि सोना 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा।
लेकिन गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। बाजार खुलते ही सोना-चांदी में भारी गिरावट देखने को मिली। सुबह के कारोबार में जहां चांदी करीब 20 हजार रुपये और सोना 4 हजार रुपये तक सस्ता हुआ, वहीं शाम 6.20 बजे तक चांदी 9,185 रुपये टूटकर 3,09,307 रुपये प्रति किलो पर आ गई।
इसी तरह 5 फरवरी वायदा वाला सोना भी दबाव में नजर आया। शाम 6.20 बजे तक एमसीएक्स पर 10 ग्राम सोना 1,282 रुपये गिरकर 1,51,580 रुपये पर कारोबार करता दिखा। बाजार में इस अचानक गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को माना जा रहा है।
ट्रंप ने ऐसा क्या कहा?
दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच जल्द ट्रेड डील होने का संकेत दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है। इस बयान के बाद निवेशकों का भरोसा शेयर बाजार की ओर बढ़ा और सोना-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में मुनाफावसूली शुरू हो गई।
इसके अलावा ट्रंप का दूसरा बड़ा बयान ग्रीनलैंड और यूरोप को लेकर रहा। उन्होंने यूरोप के 8 देशों पर प्रस्तावित 10 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी वापस ले ली और कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर ऐसा प्लान लाया जाएगा, जो अमेरिका और यूरोप दोनों के हित में होगा। इससे वैश्विक स्तर पर तनाव कम हुआ और सेफ हेवन डिमांड में गिरावट आई।
इन कारणों से भी बढ़ा दबाव
ट्रंप के बयानों के अलावा गोल्ड और सिल्वर ETF में भारी बिकवाली भी गिरावट की एक बड़ी वजह बनी। गुरुवार को गोल्ड और सिल्वर ETF में 16 फीसदी तक की टूट देखने को मिली, जिसका सीधा असर धातुओं की कीमतों पर पड़ा। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर में मजबूती आई है। रुपये और अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर मजबूत होने से भी सोना-चांदी पर दबाव बना है।
क्या आगे और सस्ते होंगे सोना-चांदी?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट प्रॉफिट बुकिंग और करेक्शन की वजह से आई है। इसे किसी बड़ी मंदी या संरचनात्मक गिरावट के तौर पर नहीं देखा जा रहा। शॉर्ट टर्म में सोने और चांदी के दामों में थोड़ा दबाव बना रह सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म आउटलुक अब भी मजबूत बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई बढ़ने का खतरा आगे चलकर सोने-चांदी को फिर सपोर्ट दे सकता है।
