असम विधानसभा चुनाव 2026: TMC अकेले लड़ेगी 22 सीटों पर, उम्मीदवारों की लिस्ट जारी!
punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 08:20 PM (IST)
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल से बाहर अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के प्रयास में Mamata Banerjee की पार्टी All India Trinamool Congress ने असम विधानसभा चुनाव 2026 में बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने किसी भी गठबंधन से दूरी बनाते हुए ‘एकला चलो’ रणनीति के तहत चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
शुरुआत में ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की चर्चा थी, लेकिन अब टीएमसी ने 22 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारकर साफ कर दिया है कि वह सीमित लेकिन रणनीतिक तरीके से मैदान में उतर रही है।
दो चरणों में जारी हुई उम्मीदवारों की सूची
टीएमसी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा दो चरणों में की। पहले चरण में 17 उम्मीदवारों के नाम सामने आए, जबकि दूसरे चरण में 7 और नाम जोड़े गए। हालांकि बाद में कुछ बदलाव हुए, जिसमें एक वरिष्ठ नेता की उम्मीदवारी वापस ली गई और एक सीट पर उम्मीदवार ने नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद कुल उम्मीदवारों की संख्या 22 तय हुई।
दल-बदल से दूरी, नई रणनीति पर फोकस
इस बार टीएमसी ने खास रणनीति अपनाई है। पार्टी ने भाजपा छोड़कर आए नेताओं को टिकट देने से परहेज किया है। इसका मकसद भविष्य में दल-बदल की समस्या से बचना और स्थिर संगठन तैयार करना है। पार्टी का मानना है कि असम में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच वह खुद को एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प के तौर पर पेश कर सकती है।
सुष्मिता देव का बयान, रणनीति पर कायम रहने का दावा
टीएमसी नेता Sushmita Dev ने साफ कहा कि पार्टी स्पष्ट रणनीति के साथ चुनाव मैदान में उतरी है। उन्होंने संकेत दिया कि चुनाव परिणाम चाहे जो हों, पार्टी अपने रास्ते पर कायम रहेगी और लंबे समय के विस्तार पर ध्यान दे रही है।
किन सीटों पर किसे मिला टिकट
टीएमसी ने असम के अलग-अलग क्षेत्रों—निचले, मध्य और ऊपरी असम के साथ-साथ बाराक घाटी—में उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें कोकराझार से उदंगश्री नरजारी, बिलासिपारा से मोमिनुर इस्लाम, अभयपुरी से कौशिक रंजन दास, बाजली से कल्याणी कलिता, गोरेश्वर से राजन चौहान, मंगलदाई से हरे कृष्ण डेका, कटिगोरा से फजीउर रहमान लस्कर और सोनाई से शाहजहां लश्कर जैसे नाम शामिल हैं।
कब होगा मतदान और नतीजे
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में कराया जाएगा। चुनाव के नतीजे 4 मई 2026 को घोषित होंगे, जिस पर सभी दलों की नजर टिकी हुई है।
पूर्वोत्तर में TMC का बड़ा दांव
टीएमसी का यह कदम सिर्फ चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वोत्तर भारत में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी स्थानीय मुद्दों जैसे बाढ़, बेरोजगारी और विकास को केंद्र में रखकर मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रही है। असम में टीएमसी की यह नई रणनीति आने वाले समय में राज्य की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती है।
