टेंशन खत्म! अब आपके प्राइवेट फोटो-वीडियो कभी नहीं होंगे Leak, बस ये एक क्लिक और Blackmailer होगा सलाखों के पीछे, जानें कैसे?
punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 12:28 PM (IST)
I4C Cyber Dost Blackmailing Protection Guide : डिजिटल युग में जहां एक क्लिक पर जानकारी साझा होती है वहीं 'डिजिटल ब्लैकमेलिंग' के मामलों ने भी रफ्तार पकड़ी है। अक्सर साइबर अपराधी निजी फोटो या वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लोगों से मोटी रकम वसूलते हैं। इस मानसिक दबाव से निपटने के लिए गृह मंत्रालय की विंग Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने एक बेहद आसान और सुरक्षित तकनीकी हथियार साझा किया है जिससे आपकी इज्जत नीलाम होने से पहले ही बच जाएगी।
घबराएं नहीं, तकनीक का लें सहारा
I4C के जागरूकता अभियान 'Cyber Dost' ने साफ किया है कि अगर कोई आपको आपकी प्राइवेट सामग्री के नाम पर डरा रहा है तो पैसे देने या चुप रहने के बजाय तकनीकी मदद लें। अब आपकी निजी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर फैलने से पहले ही ब्लॉक किया जा सकता है।
कैसे काम करता है यह सुरक्षा चक्र?
सरकार ने इसके लिए StopNCII.org नामक पोर्टल का सुझाव दिया है। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक है जो आपकी निजता (Privacy) का पूरा ख्याल रखती है।
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डिजिटल फिंगरप्रिंट (Hash Code): जब आप इस पोर्टल का उपयोग करते हैं तो यह आपकी फोटो या वीडियो का एक 'डिजिटल फिंगरप्रिंट' तैयार करता है जिसे तकनीकी भाषा में 'हैश कोड' कहते हैं।
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नो अपलोड पॉलिसी: सबसे खास बात यह है कि आपकी मूल फोटो या वीडियो इस वेबसाइट पर अपलोड नहीं होती। हैश कोड बनाने की प्रक्रिया आपकी अपनी डिवाइस (मोबाइल या लैपटॉप) पर ही पूरी होती है, जिससे आपकी गोपनीयता बनी रहती है।
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ऑटोमैटिक ब्लॉकिंग: एक बार जब यह डिजिटल कोड बन जाता है तो इसे फेसबुक (Meta), इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और टिकटॉक जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ शेयर किया जाता है।
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सिस्टम का वार: जैसे ही कोई अपराधी आपकी उस फोटो या वीडियो को इन प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड करने की कोशिश करेगा सिस्टम उसे तुरंत पहचान लेगा और उसे ब्लॉक कर देगा।
अपराधियों को न दें पैसे, तुरंत करें ये 3 काम
अगर आप ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रहे हैं तो I4C इन कदमों को उठाने की सलाह देता है:
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पैसे न दें: ब्लैकमेलर को पैसे देना समस्या का समाधान नहीं है वे बार-बार पैसे मांगेंगे।
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साक्ष्य जुटाएं: धमकी भरे चैट और कॉल के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
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रिपोर्ट करें: तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।


