इस बार उत्तर भारत में पड़ सकती है कड़ाके की ठंड, 3 डिग्री तक गिर सकता है पारा

10/26/2021 10:28:57 AM

नेशनल डेस्क: दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून ने सोमवार को देश से विदाई ले ली है। 1975 के बाद मॉनसून की यह सातवीं बार सबसे ज्यादा देरी से हुई रवानगी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बयान में कहा कि देश के अधिकतर हिस्सों में बारिश की गतिविधि में उल्लेखनीय कमी के साथ दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून आज (25 अक्तूबर, 2021) को देश से चला गया। मानसून की विदाई के साथ ही अब देश के कई इलाकों में हल्की ठंड बढ़नी शुरू हो गई है।

PunjabKesari

वहीं बताया जा रहा है कि इस बार भारत के कुछ राज्यों में कड़ाके की ठड़ पड़ सकती है। जनवरी और फरवरी में देश के कुछ उत्तरी इलाकों में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। मौसम की ऐसी स्थिति के लिए ला नीना (La Nina) को जिम्मेदार बताया जा रहा है। प्रशांत क्षेत्र में La Nina तेजी से उभर रहा है। आमतौर पर इसका अर्थ है कि उत्तरी गोलार्ध में तापमान का सामान्य से कम रहना। इस स्थिति ने क्षेत्रीय मौसम एजेंसियों को कड़ाके की सर्दी के बारे में चेतावनी जारी करने के लिए प्रेरित किया है।

PunjabKesari

उत्तर भारत के साथ ही उत्तरपूर्व एशिया में इस बार कड़ाके की ठड़ पड़ सकती है और इससे क्षेत्र में ऊर्जा संकट बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कई देश खासकर चीन ईंधन की ऊंची कीमतों और बिजली के संकट से जूझ रहे हैं। कोयला और गैस के दाम ऊंचाई पर हैं, ऐसे में कड़ाके की ठंड से इन चीजों की मांग और बढ़ेगी।

PunjabKesari

डेटा प्रोवाइडर डीटीएन में मौसम गतिविधियों के उपाध्यक्ष रेनी वांडेवेगे ने कहा कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि पूरे उत्तरपूर्व एशिया में इस बार सर्दी में तापमान सामान्य से कम रहेगा। मौसम विज्ञान के निदेशक टॉड क्रॉफर्ड के अनुसार, ला नीना की घटनाओं के अलावा अन्य कारक भी हैं जो उत्तरपूर्व एशिया के सर्दियों के मौसम को प्रभावित कर सकते हैं।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Seema Sharma

Related News

Recommended News