15 मार्च से इन 3 राशियों की बढ़ेगी मुश्किलें, 30 साल बाद बन रहा है सबसे खतरनाक संयोग

punjabkesari.in Thursday, Mar 12, 2026 - 01:58 PM (IST)

Sun Saturn Conjunction: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का गोचर और उनकी युति मानवीय जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। इस कड़ी में 15 मार्च 2026 को एक अत्यंत दुर्लभ और प्रभावशाली खगोलीय घटना होने जा रही है। न्याय के देवता शनि देव वर्तमान में मीन राशि में विराजमान हैं, और अब 15 मार्च को ग्रहों के राजा सूर्य भी इसी राशि में प्रवेश करेंगे। 

पूरे 30 वर्षों के अंतराल के बाद मीन राशि में सूर्य और शनि की युति बनने जा रही है। हालांकि सूर्य और शनि के बीच पिता-पुत्र का संबंध है, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इन दोनों के बीच 'शत्रुता' का भाव माना जाता है। इस युति का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन तीन विशेष राशियों के लिए यह समय चुनौतियों भरा रह सकता है। 

गोचर का समय और महत्व 

पंचांग के गणनानुसार, 15 मार्च 2026 को रात 1:08 बजे सूर्य कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे। इसी क्षण से शनि के साथ उनकी युति प्रारंभ हो जाएगी। यह संयोग इसलिए भी दुर्लभ है क्योंकि शनि एक राशि में लगभग ढाई वर्ष रहते हैं, जबकि सूर्य हर वर्ष राशि परिवर्तन करते हैं। इन दोनों का एक साथ आना सत्ता और संघर्ष के बीच संतुलन की स्थिति पैदा करता है। 

इन 3 राशियों पर मंडरा रहे हैं संकट के बादल 

सूर्य-शनि का यह टकराव कन्या, धनु और कुंभ राशि के जातकों के लिए सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है: |

1. कन्या राशि (Kanya Rashi) 

कन्या राशि वालों के लिए यह युति सप्तम भाव में होने जा रही है। 

प्रभाव: यह भाव विवाह और साझेदारी (Partnership) का होता है। दांपत्य जीवन में कलह और वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं। 

सावधानी: पार्टनरशिप में व्यापार करने वाले लोग बड़े निवेश से बचें और आपसी पारदर्शिता बनाए रखें। 

2. धनु राशि (Dhanu Rashi) 

धनु राशि के जातकों की कुंडली में यह युति चतुर्थ भाव में बनेगी। 

प्रभाव: चौथा भाव सुख, संपत्ति और माता का स्थान होता है। इस दौरान घर का माहौल तनावपूर्ण हो सकता है। विशेष रूप से पिता और पुत्र के बीच गंभीर मतभेद की स्थिति बन सकती है। 

सावधानी: मानसिक अशांति से बचने के लिए धैर्य रखें और पारिवारिक विवादों को तूल न दें। 

3. कुंभ राशि (Kumbh Rashi) 

कुंभ राशि के लिए सूर्य का गोचर द्वितीय भाव में होगा। 

प्रभाव: यह धन और वाणी का भाव है। सूर्य-शनि की युति के कारण संचित धन की हानि हो सकती है या संपत्ति से जुड़े विवाद खड़े हो सकते हैं। 

सावधानी: अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और वित्तीय मामलों में कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।


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Content Writer

Ramanjot

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