पार्टी के लिए मशहूर है गोवा... फिर यहां क्यों स्थापित की गई भगवान राम की 77 फीट ऊंची प्रतिमा, जानें चौंकाने वाली बड़ी वजह

punjabkesari.in Sunday, Nov 30, 2025 - 06:46 PM (IST)

नेशनल डेस्क : गोवा को आमतौर पर लोग समुद्र तटों, नाइटलाइफ और पुर्तगाली संस्कृति के कारण पहचानते हैं, लेकिन हाल ही में राज्य ने अपनी गहरी आध्यात्मिक विरासत की झलक पूरे देश को दिखा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साउथ गोवा के श्री संस्थान गोकरण पार्टागली जीवोत्तम मठ में भगवान राम की 77 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। यह अब दुनिया में भगवान राम की सबसे ऊंची प्रतिमा बन गई है।

यह आयोजन मठ की 550वीं स्थापना वर्षगांठ का हिस्सा था। पीएम मोदी ने रामायण थीम पार्क का उद्घाटन किया, स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया तथा 15,000 से अधिक श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गोवा के मंदिर और परंपराएं विदेशी शासन के कठिन दौर से भी बच गईं और यही इस भूमि की सांस्कृतिक शक्ति है। प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वी. सुतार ने किया है, जिन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी बनाई थी।

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गोवा का यह मठ गौड़ सारस्वत ब्राह्मण समुदाय का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र रहा है और द्वैत वैष्णव परंपरा का महत्वपूर्ण पीठ माना जाता है। पार्टागली मठ 550 साल से भी अधिक पुराना है और पुर्तगाली शासन के लंबे दौर में इसने परंपराओं, मूर्तियों और धार्मिक साहित्य की रक्षा की।

गोवा भले ही बाहर से आधुनिक और पार्टी डेस्टिनेशन लगे, लेकिन यहां सदियों से राम-भक्ति और वैदिक परंपरा गहरी जड़ें जमाए हुए है। हाल के वर्षों में अयोध्या के राम मंदिर निर्माण के दौरान भी गोवा में बड़े पैमाने पर धार्मिक कार्यक्रम हुए थे। आज 77 फीट ऊंची यह राम प्रतिमा गोवा की आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक निरंतरता का भव्य प्रतीक बनकर खड़ी है — बताती है कि यह राज्य केवल पर्यटन का केंद्र नहीं, बल्कि प्राचीन सनातन परंपराओं का मजबूत धरोहर भी है

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Content Editor

Mehak

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