RBI ने HDFC Bank पर लगाया भारी जुर्माना, जानें क्या वजह रही
punjabkesari.in Saturday, Nov 29, 2025 - 01:06 AM (IST)
नेशनल डेस्क: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में से एक HDFC बैंक पर 91 लाख रुपये का भारी भरकम जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक ने यह कार्रवाई बैंक द्वारा बैंकिंग विनियमन अधिनियम, KYC (Know Your Customer) मानकों, लोन बेंचमार्किंग, और आउटसोर्सिंग नियमों से संबंधित कई निर्देशों का उल्लंघन करने पर की है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, RBI ने स्पष्ट किया है कि यह दंड बैंक की नियामकीय और वैधानिक प्रक्रियाओं में पाई गई गंभीर चूकों पर आधारित है।
निरीक्षण में कैसे सामने आई अनियमितताएं?
RBI ने वित्त वर्ष 31 मार्च 2024 तक की बैंक की स्थिति को लेकर नियामकीय निरीक्षण (Supervisory Evaluation) किया। इस दौरान कई खामियां मिलीं, जिनके आधार पर बैंक को नोटिस भेजा गया।
बैंक की ओर से मिली प्रतिक्रियाओं और दस्तावेज़ों की विस्तृत समीक्षा के बाद आरोप सही पाए गए, जिसके बाद यह दंड लगाया गया।
आरबीआई ने HDFC बैंक की कौन-कौन सी गलतियां बताई?
केंद्रीय बैंक ने कई गंभीर अनियमितताओं की ओर संकेत किया:
1. एक ही श्रेणी के लोन पर अलग-अलग बेंचमार्क
- HDFC बैंक ने समान कैटेगरी के लोन के लिए अलग-अलग बेंचमार्क ब्याज दर अपनाई।
- यह कार्य RBI के ब्याज दर संबंधी दिशानिर्देशों के सीधे उल्लंघन में आता है।
2. KYC प्रक्रियाओं का गलत आउटसोर्सिंग
- कुछ ग्राहकों की KYC जांच आउटसोर्सिंग एजेंटों के माध्यम से कराई गई।
- RBI के अनुसार KYC प्रक्रिया को आउटसोर्स करना निषिद्ध है और यह एक गंभीर अनुपालन चूक है।
3. सहायक कंपनी द्वारा गैर-स्वीकृत कारोबार
- बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी ने वह व्यवसाय किया
- जो Banking Regulation Act की धारा 6 के तहत बैंक के लिए अनुमत नहीं है।
RBI का स्पष्टीकरण: यह दंड ग्राहकों पर प्रभाव नहीं डालता
RBI ने स्पष्ट किया कि जुर्माना नियामकीय खामियों पर आधारित है, यह बैंक और ग्राहकों के बीच किए गए किसी लेन-देन की वैधता पर टिप्पणी नहीं करता, और न ही यह भविष्य में RBI द्वारा की जाने वाली किसी अन्य नियामकीय कार्रवाई को प्रभावित करेगा।
एक अन्य कंपनी पर भी कार्रवाई
RBI ने बताया कि मन्नाकृष्णा इन्वेस्टमेंट्स पर भी 3.1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह दंड NBFC के लिए जारी Master Direction – Scale Based Regulation, 2023 के ‘शासन संबंधी प्रावधानों’ का पालन न करने पर लगाया गया है।
