ईरान में हालात बिगड़ते ही बढ़ी हलचल… ईरानी विदेश मंत्री ने जयशंकर से की बातचीत
punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 10:51 PM (IST)
नेशनल डेस्क: ईरान में बढ़ते तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से बातचीत की। जयशंकर ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर देते हुए बताया कि उन्हें ईरानी विदेश मंत्री का फोन आया, जिसमें ईरान और उसके आसपास के हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। बातचीत के दौरान क्षेत्र में तेजी से बदल रही स्थिति और उससे जुड़ी चिंताओं पर विचार किया गया।
यह बातचीत ऐसे समय पर हुई है, जब ईरान और पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इन परिस्थितियों ने न केवल क्षेत्रीय देशों, बल्कि भारत समेत कई अन्य देशों की चिंता भी बढ़ा दी है। भारत सरकार पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है। गौरतलब है कि ईरान में 28 दिसंबर से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं, जिनमें अब तक 2500 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी भी दी है।
भारत ने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी
दोनों विदेश मंत्रियों के बीच यह बातचीत ऐसे वक्त हुई है, जब भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय ने अगले आदेश तक भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की भी अपील की है। यह एडवाइजरी तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की ओर से जारी की गई।
एडवाइजरी में कहा गया है कि पर्यटक उपलब्ध परिवहन साधनों, खासकर कमर्शियल फ्लाइट्स के जरिए ईरान छोड़ दें। ईरान में करीब 10 हजार भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनमें मेडिकल और इंजीनियरिंग के छात्र, मेडिकल प्रोफेशनल्स और बिजनेसमैन शामिल हैं।
दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास का बयान
इस बीच दिल्ली में ईरानी दूतावास ने अमेरिकी फैसलों को लेकर चेतावनी जारी की है। दूतावास ने X पर लिखा कि अमेरिका के एकतरफा फैसलों से वैश्विक व्यवस्था कमजोर हो रही है। इसमें गलत तरीके से टैरिफ लगाना और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से बाहर होना शामिल है। दूतावास ने कहा कि अगर देश चुप रहेंगे, तो खतरा और बढ़ेगा और समय के साथ ये फैसले हर देश को प्रभावित करेंगे, चाहे वह छोटा हो या बड़ा।
ईरान में प्रदर्शन की असली वजह
ईरान में 28 दिसंबर से देश की खराब आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं। अब तक 31 से ज्यादा प्रांतों में 500 से अधिक प्रदर्शन दर्ज किए जा चुके हैं। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों की कीमतों में लगातार इजाफे से आम लोग नाराज हैं। जानकारों का मानना है कि यह पिछले तीन वर्षों में ईरानी सरकार के सामने सबसे गंभीर आंतरिक संकट है। पहले से ही अंतरराष्ट्रीय दबाव झेल रहे ईरान के लिए हालात और चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं, खासकर अमेरिका और इजराइल की ओर से पिछले साल हुए हमलों के बाद।
