दिल्ली में दहाड़ा ईरान: ''खाड़ी से मिटा देंगे अमेरिका का नामोनिशान'', भारत की धरती से ईरानी मंत्री का बड़ा ऐलान
punjabkesari.in Friday, Mar 06, 2026 - 12:34 PM (IST)
Iranian Minister: नई दिल्ली के 'रायसीना संवाद 2026' के मंच से आज दुनिया ने ईरान का वो तेवर देखा जो शायद पहले कभी नहीं दिखा था। ईरान के उप विदेश मंत्री डॉ. सईद खतीबजादेह ने भारत की धरती से अमेरिका और इजरायल को दोटूक चेतावनी देते हुए इस जंग को ईरान के वजूद की लड़ाई करार दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि तेहरान अब पीछे हटने के मूड में नहीं है और खाड़ी क्षेत्र से अमेरिकी रसूख को खत्म करना ही अब उनका एकमात्र लक्ष्य बचा है।
सांस्कृतिक रिश्तों की दुहाई और अस्तित्व का संकट
रायसीना डायलॉग में वक्ता के तौर पर शामिल हुए खतीबजादेह ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत और ईरान के गहरे ऐतिहासिक रिश्तों से की। उन्होंने कहा कि हम दोनों देशों की सभ्यता की जड़ें एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं, लेकिन आज जब वह भारत में हैं, तब उनके देशवासी अमेरिकी और इजरायली बमबारी का सामना कर रहे हैं। ईरानी मंत्री के मुताबिक, यह युद्ध किसी सीमा विवाद के लिए नहीं, बल्कि ईरान के अस्तित्व को मिटाने की एक सोची-समझी साजिश है।
#WATCH | On US-Israel vs Iran conflict, Dr Saeed Khatibzadeh, Iran's Deputy Minister of Foreign Affairs, says,"...What is being done by Americans and Israelis today is against the international law and norms...There was no provocation from Iran..." pic.twitter.com/p4vTYtsYuN
— ANI (@ANI) March 6, 2026
'ग्रेटर इजरायल' के भ्रम पर तीखा प्रहार
इजरायल पर निशाना साधते हुए डॉ. खतीबजादेह ने कहा कि इजरायली नेतृत्व दशकों से 'ग्रेटर इजरायल' के काल्पनिक भ्रम में जी रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने ईरान के वजूद को ही खत्म करने का मन बना लिया है। ऐसे में ईरान के पास फारस की खाड़ी से अमेरिकी मौजूदगी को उखाड़ फेंकने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने इसे एक 'वीरतापूर्ण और राष्ट्रवादी' लड़ाई बताया जिसे ईरान अपने आखिरी सैनिक के रहने तक लड़ेगा।
हमलावरों को उनके अड्डों पर ही देंगे जवाब
ईरानी उप विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय नियमों की दुहाई देते हुए कहा कि ईरान ने कभी किसी को नहीं उकसाया, बल्कि वह खुद इस विदेशी आक्रामकता का शिकार हुआ है। उन्होंने कड़े शब्दों में ऐलान किया कि अब ईरान उन तमाम ठिकानों और अड्डों पर पलटवार करने से नहीं हिचकिचाएगा जहां से अमेरिका अपने हमले अंजाम दे रहा है। उनके बयान ने साफ कर दिया है कि पश्चिम एशिया में जारी यह संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां से शांति की राहें बेहद धुंधली नजर आ रही हैं।
