भूकंप के जोरदार झटकों से हिली धरती, डरे सहमे लोग घरों से बाहर भागे

punjabkesari.in Thursday, Jun 11, 2026 - 09:50 PM (IST)

नेशनल डेस्क : असम के कई जिलों में बुधवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। रात करीब 9:10 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.2 दर्ज की गई। झटके महसूस होते ही कई लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, फिलहाल किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

इससे पहले रविवार देर रात भी असम समेत पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। उस दौरान भूटान के निकट 5.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। भूकंप का केंद्र असम के कुछ क्षेत्रों से लगभग 252 किलोमीटर दूर स्थित था, जिसके कारण असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी कंपन महसूस किया गया।

पूर्वोत्तर भारत में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप?

विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत देश के सबसे अधिक भूकंप-संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है। इसकी मुख्य वजह क्षेत्र की जटिल भूगर्भीय संरचना और सक्रिय टेक्टोनिक गतिविधियां हैं। वैज्ञानिक बताते हैं कि भारतीय प्लेट लगातार उत्तर दिशा की ओर बढ़ रही है और यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है। करोड़ों वर्षों से जारी इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप हिमालय पर्वतमाला का निर्माण हुआ है। हालांकि, प्लेटों की यह गति आज भी जारी है, जिससे उनके बीच तनाव पैदा होता रहता है। जब यह तनाव अचानक मुक्त होता है, तो भूकंप के रूप में ऊर्जा निकलती है और धरती कांप उठती है।

सक्रिय फॉल्ट लाइनों के कारण बढ़ता है जोखिम

असम और इसके आसपास के क्षेत्रों के नीचे कई सक्रिय फॉल्ट लाइनें मौजूद हैं। फॉल्ट लाइनें पृथ्वी की सतह में मौजूद वे दरारें होती हैं, जहां चट्टानें एक-दूसरे के सापेक्ष खिसकती रहती हैं। इन क्षेत्रों में दबाव बढ़ने पर अचानक ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, जिससे भूकंप आता है। असम के अलावा मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा भी इसी भूकंपीय क्षेत्र में आते हैं। यही कारण है कि पूर्वोत्तर भारत में समय-समय पर छोटे और बड़े भूकंप दर्ज किए जाते हैं।


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News Editor

Parveen Kumar

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