शादी की चल रही थी तैयारी; प्लेन क्रैश में सार्जेंट जितेंद्र की शहादत से सहमा परिवार, मां को पता न चले इसलिए...

punjabkesari.in Sunday, Jun 14, 2026 - 01:01 PM (IST)

International Desk: जिस घर में कुछ दिनों बाद शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां अब सिसकियों की आवाज है। जिस मां की आंखें बेटे को दूल्हे के रूप में देखने का सपना संजो रही थीं, उसी मां से उसके लाल की शहादत की खबर छिपानी पड़ी। असम के जोरहाट विमान हादसे को लेकर देश   में ही नहीं विदेशों में भी शोक की लहर है। इस हादसे में वायुसेना के 5 जांबाज जवानों ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया।

 

शादी की बात लगभग तय हो चुकी थी
शहीदों में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले सार्जेंट जितेंद्र शर्मा भी शामिल हैं। शहीद हुए वायुसेना के सार्जेंट जितेंद्र शर्मा की कहानी केवल एक सैनिक की शहादत नहीं, बल्कि टूटे सपनों, बिखरे अरमानों और एक परिवार के असहनीय दर्द की कहानी है।जितेंद्र शर्मा छुट्टी पर घर आए थे। परिवार में उनकी शादी की चर्चाएं चल रही थीं। लड़की पसंद आ चुकी थी और रिश्ते को अंतिम रूप देने की तैयारी थी। मां राजेश्वरी देवी हर दिन बेटे के विवाह के सपने बुन रही थीं। लेकिन नियति ने ऐसी करवट ली कि सेहरे की जगह तिरंगा उनके बेटे की पहचान बन गया।

 

काट दी गई टीवी की केबल
जब वायुसेना से शहादत की खबर आई तो परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती मां को संभालने की थी। टीवी चैनलों पर लगातार चल रही खबरों से डरकर परिजनों ने घर की केबल तक कटवा दी। मां को बताया गया कि बंदरों ने तार खराब कर दी है। घर में बाहरी लोगों का आना-जाना भी रोक दिया गया, ताकि कोई अनजाने में यह खबर न बता दे।

 

बारात की जगह अंतिम यात्रा की तैयारी
घर में शादी की तारीख तय करने की चर्चा हो रही थी। अब उसी घर में अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही है। रिश्तेदार, जो शादी में शामिल होने वाले थे, अब अंतिम विदाई देने के लिए पहुंच रहे हैं। यह बदलाव इतना दर्दनाक है कि गांव का हर व्यक्ति भावुक हो उठा है।  जिस मां ने बेटे को देश सेवा के लिए भेजा था, वह यह नहीं जानती थी कि उसका लाल अब कभी लौटकर नहीं आएगा।  

 

पांच जून को ड्यूटी पर लौटे थे
पिछले महीने वह छुट्टी पर घर आए थे। परिवार के साथ समय बिताया, शादी की बात आगे बढ़ी और फिर पांच जून को ड्यूटी पर लौट गए। किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी आखिरी विदाई होगी। भाई भूपेंद्र कहते हैं कि हमने सिर्फ अपना भाई नहीं खोया, हमने अपने घर की खुशियां खो दीं। वह परिवार की उम्मीद थे, मां की ताकत थे और गांव का गौरव थे। आज हर किसी की आंख नम है।

  


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Tanuja

Related News