राजनीतिक जगत में आया बड़ा भूचाल, वफ्फ पर नाराजगी से इतने नेताओं ने दे दिया इस्तीफा
punjabkesari.in Saturday, Apr 05, 2025 - 08:54 AM (IST)

नेशनल डेस्क: वक्फ संशोधन विधेयक पास होने के बाद एनडीए में दरार साफ नजर आने लगी है। केंद्र सरकार को समर्थन देने वाले सहयोगी दलों के मुस्लिम नेताओं ने पार्टी से नाता तोड़ना शुरू कर दिया है। इससे नीतीश कुमार, जयंत चौधरी और चिराग पासवान की चिंता बढ़ गई है।
वक्फ संशोधन विधेयक पर घमासान
हाल ही में संसद में पास हुआ वक्फ संशोधन बिल अब एनडीए के लिए संकट का कारण बन गया है। यह बिल पारित होने के बाद न सिर्फ विपक्ष बल्कि सत्ताधारी गठबंधन के भीतर भी असहमति और नाराजगी की लहर फैल गई है। मुस्लिम समाज का कहना है कि इस विधेयक से उनकी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं पर सीधा असर पड़ेगा।
जेडीयू में बगावत का सुर
नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) में इस बिल को लेकर जबरदस्त असंतोष देखने को मिल रहा है। पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कई नेता इस्तीफा दे चुके हैं। मो. शाहनवाज मलिक (प्रदेश सचिव), मो. तबरेज सिद्दीकी अलीग (प्रदेश महासचिव), भोजपुर से दिलशान राईन और पूर्वी चंपारण के कासिम अंसारी ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। इन नेताओं का आरोप है कि पार्टी ने मुस्लिम समुदाय के विश्वास को तोड़ा है।
आरएलडी में भी असंतोष की लहर
जयंत चौधरी की राष्ट्रीय लोक दल (RLD) में भी वक्फ संशोधन बिल को समर्थन देने के बाद नाराजगी सामने आ गई है। हापुड़ जिले के प्रमुख नेता मोहम्मद जकी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनका कहना है कि आरएलडी अब अपने रास्ते से भटक चुकी है और मुसलमानों तथा वंचित समुदायों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है।
चिराग पासवान को भी झटका
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के भीतर भी हालात सामान्य नहीं हैं। पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अली आलम ने इस्तीफा देकर नया मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह बिल मुसलमानों के हितों के खिलाफ है और पार्टी इस पर चुप है। बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में मुस्लिम नेताओं का इस तरह पार्टी छोड़ना बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।