West Bengal SIR: बंगाल की वोटर लिस्ट में बड़ा ‘क्लीन-अप’: 90 लाख से ज्यादा मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर
punjabkesari.in Tuesday, Apr 07, 2026 - 10:43 AM (IST)
नेशनल डेस्क: Election Commission of India ने West Bengal में चल रही SIR प्रक्रिया से जुड़े 60 लाख से अधिक लंबित मामलों का विस्तृत डेटा सार्वजनिक कर दिया है। पश्चिम बंगाल में सोमवार आधी रात के बाद मतदाताओं के लिए न्यायिक निर्णय प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने अनुमान लगाया है कि राज्य में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 90 लाख से ज्य़ादा गई है। हालांकि, अंतिम आंकड़े जारी होने के बाद इसमें मामूली वृद्धि हो सकती है, क्योंकि न्यायिक निर्णय के लिए भेजे गए कुछ मामलों में अभी न्यायिक अधिकारियों के e-signatures होने बाकी हैं।
राज्य में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या 90,83,345
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, न्यायिक निर्णय के लिए भेजे गए कुल 60,06,675 मामलों में से 59,84,512 मामलों का निपटारा हो चुका है और उन पर न्यायिक अधिकारियों के ई-हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इन 59,84,512 मामलों में से 27,16,393 मतदाताओं को न्यायिक अधिकारियों द्वारा “अयोग्य” (excludable) माना गया है और उन्हें सूची से हटा दिया गया है। इस प्रकार, राज्य में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या फिलहाल 90,83,345 हो गई है।
पिछले वर्ष नवंबर में Special Intensive Revision (SIR) की अधिसूचना जारी होने से पहले राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7,66,37,529 थी। दिसंबर में प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में 58,20,899 नाम हटाए गए थे, जो 28 फरवरी को जारी अंतिम सूची में बढ़कर 63,66,952 हो गए।
CEO कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया, न्यायिक अधिकारियों द्वारा 27,16,393 मामलों को अयोग्य पाए जाने के बाद, पूरे SIR अभियान में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या 90,83,345 हो गई है। अभी 22,163 मामलों में ई-हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इसके पूरा होने के बाद हटाए गए मतदाताओं की संख्या में कुछ और वृद्धि हो सकती है। हालांकि, जिन मतदाताओं के नाम न्यायिक निर्णय में “अयोग्य” पाए गए हैं, उन्हें इस उद्देश्य के लिए गठित 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों में से किसी एक में अपील करने का अवसर मिलेगा।
CEO कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, न्यायिक निर्णय प्रक्रिया के दौरान सबसे अधिक 'अयोग्य' मामले अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले से सामने आए, जहां 4,55,137 नाम हटाए गए। इसके बाद उत्तर 24 परगना (3,25,666) और मालदा (2,39,375) का स्थान है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे। पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में शेष 142 सीटों पर मतदान होगा। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
इन जिलों से हटे ज्यादा नाम
जिलावार आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी को जारी सूची में 63,66,952 नाम हटाए गए थे, जिसके बाद कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर 90,83,345 हो गई है। सीमावर्ती जिले - कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया तथा उत्तर और दक्षिण 24 परगना—उन क्षेत्रों में शामिल हैं जहां सबसे अधिक नाम सूची से हटाए गए हैं।
