पश्चिम बंगाल में भारी बारिश और आसमानी बिजली का कहर, 7 लोगों की मौत; मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने किया मुआवजे का ऐलान

punjabkesari.in Friday, May 29, 2026 - 09:54 PM (IST)

नेशनल डेस्कः पश्चिम बंगाल में मानसून से पहले ही कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। कोलकाता, हावड़ा और हुगली समेत राज्य के कई हिस्सों में आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अलग-अलग घटनाओं में 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने इन हादसों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

88 किमी की रफ्तार से चली हवाएं, दोपहर में छाया 'अंधेरा'
शुक्रवार दोपहर कोलकाता और आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। उमस के बीच अचानक आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते दिन में ही रात जैसा अंधेरा पसर गया। अलीपुर मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर करीब 2:45 बजे हवा की गति 88 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिसने पूरे महानगर को झकझोर कर रख दिया। दमदम में भी 74 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने भारी नुकसान पहुँचाया है।

मेट्रो स्टेशन की छत क्षतिग्रस्त, मॉल में टूटा कांच
तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दक्षिण कोलकाता के खुदीराम मेट्रो स्टेशन की छत का एक हिस्सा उड़ गया, जिससे बारिश का पानी स्टेशन परिसर के भीतर घुस गया। वहीं, मशहूर साउथ सिटी मॉल के अंदर भी पानी भरने और हवा के दबाव से कांच के पैनल टूटने की खबरें हैं। शहर की प्रमुख सड़कों जैसे पार्क स्ट्रीट, टॉलीगंज और रासबिहारी एवेन्यू पर सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए, जिससे घंटों तक यातायात ठप रहा।

ट्रेनों और उड़ानों पर 'ब्रेक', 6 जिलों में रेड अलर्ट
खराब दृश्यता और तेज हवाओं के कारण कोलकाता एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन करीब एक घंटे तक रोकना पड़ा। रेलवे सेवा भी अछूती नहीं रही; बनगांव और बंदेल-कटवा सेक्शन में पटरियों पर पेड़ गिरने से कई ट्रेनें बीच रास्ते में फंसी रहीं। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण बंगाल के 6 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

सावधान! अभी टला नहीं है खतरा
मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक डॉ. हबीबुर रहमान बिस्वास ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक दक्षिण बंगाल में तूफान की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। शनिवार को भी कई जिलों में आंधी-तूफान का अनुमान है। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है और आम जनता को भी खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहने की सलाह दी है। राहत और बचाव कार्य की निगरानी स्वयं मंत्री अग्निमित्रा पॉल कर रही हैं ताकि जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य किया जा सके।


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Pardeep

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