न्यूजीलैंड में फिर नगर कीर्तन का विरोध: हाका डांस कर रोका व लगाए भड़काऊ नारे ! कहा- “यह भारत नहीं...हमारी गलियां"
punjabkesari.in Monday, Jan 12, 2026 - 02:36 PM (IST)
International Desk: न्यूजीलैंड में धार्मिक सहिष्णुता और बहुसांस्कृतिक मूल्यों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सिख समुदाय की शांतिपूर्ण धार्मिक शोभायात्रा नगर कीर्तन को लगातार दूसरी बार दक्षिणपंथी समूह के विरोध का सामना करना पड़ा। यह घटना गुरु गोबिंद सिंह की जयंती के अवसर पर ताउरंगा शहर में सामने आई। 11 जनवरी को सुबह करीब 11 बजे नगर कीर्तन गुरुद्वारा सिख संगत से शुरू होकर कैमरन रोड होते हुए ताउरंगा बॉयज कॉलेज की ओर बढ़ रहा था।
Why are #Khalistani-linked groups spreading their agenda across NZ🇳🇿?
— Olivia Brown (@OliviaBrownew) January 12, 2026
In Tauranga, our True Patriots responded with a peaceful haka: “Whose streets? OUR streets. Whose streets? KIWI streets.”
Swords, axes & daggers on public streets raise serious safety concerns. pic.twitter.com/R1eL0rzNW4
यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं
इसी दौरान दक्षिणपंथी पेंटेकोस्टल नेता ब्रायन तमाकी और उनके डेस्टिनी चर्च समर्थक नगर कीर्तन के मार्ग में पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने पारंपरिक माओरी हाका किया और “यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं” तथा “WHOSE STREETS? KIWI STREETS” जैसे नारे लिखे बैनर लहराए। हालांकि, न्यूजीलैंड पुलिस और सिख समुदाय के स्वयंसेवकों की सतर्कता के चलते स्थिति बिगड़ने से बच गई और नगर कीर्तन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
तमाकी का भड़काऊ बयान
घटना के बाद ब्रायन तमाकी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए विरोध को “शांतिपूर्ण प्रतिरोध” बताया। उन्होंने दावा किया कि नगर कीर्तन के दौरान तलवारें और खंजर लहराए गए और इसे “राष्ट्रीय पहचान के लिए खतरा” करार दिया। तमाकी ने आप्रवासन, बहुसांस्कृतिक नीति और सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि न्यूजीलैंड को “ईसाई मूल्यों वाला देश” बनाए रखने के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
THIS IS NEW ZEALAND, NOT INDIA.
— Brian Tamaki (@BrianTamakiNZ) January 12, 2026
Here's a RECAP of how it all went down yesterday in Tauranga when young True Patriots peacefully opposed their foreign religious parade on NZ soil.
If people migrate to New Zealand, they need to assimilate into the Kiwi Way of Life. It's that… pic.twitter.com/9k31FlQDfa
पहले भी हो चुका विरोध
गौरतलब है कि इससे पहले ऑकलैंड में भी गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों साहिबजादों की शहादत की स्मृति में निकाले गए नगर कीर्तन का विरोध किया गया था। उस घटना के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री, अकाल तख्त के जत्थेदार और SGPC ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। यह ताजा घटना न केवल न्यूजीलैंड के सिख समुदाय को चिंतित कर रही है, बल्कि वैश्विक स्तर पर धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ रही है।
SGPC की कड़ी निंदा
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि नगर कीर्तन सिख धर्म की एक पवित्र, शांतिपूर्ण और विश्वभर में सम्मानित परंपरा है। इसे रोकने की कोशिश धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द पर सीधा हमला है। SGPC ने न्यूजीलैंड और भारत सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
