School Closed: सभी स्कूल बंद, इस राज्य में आफत बनकर उतरी सर्दी... जानें कब खुलेंगे स्कूल
punjabkesari.in Sunday, Jan 04, 2026 - 06:53 PM (IST)
नेशनल डेस्क: आगरा में नए साल की शुरुआत लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की दोहरी मार लेकर आई है। लगातार गिरते तापमान और जानलेवा मौसम को देखते हुए प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया है। यूपी बोर्ड, सीबीएसई समेत सभी बोर्ड के कक्षा 8वीं तक के स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद रखने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। बीते तीन दिनों से छाए घने कोहरे और तेज ठंड के कारण यह कदम उठाया गया है, ताकि छोटे बच्चों को जोखिम से बचाया जा सके।
आगरा में ‘जीरो विजिबिलिटी’ का अलर्ट
शहर में बढ़ती गलन और घातक ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद एम. बंगारी ने स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का आदेश दिया है। शुक्रवार को दिन और रात के तापमान में बेहद मामूली अंतर रहने से पूरे दिन ठिठुरन बनी रही। हालात इतने खराब हो गए कि एयरफोर्स स्टेशन पर विजिबिलिटी शून्य दर्ज की गई। वहीं, अवध एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें साढ़े छह घंटे तक लेट रहीं। कोहरे की वजह से बसों की रफ्तार भी थमी रही, हालांकि दोपहर में हल्की धूप निकलने से हवाई सेवाओं को कुछ राहत मिली।
कोहरे की चादर और गिरता पारा बढ़ा रहा मुश्किलें
आगरा में दिनभर कोहरे की मोटी परत छाई रही, जिससे अधिकतम तापमान गिरकर 16 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने हालात को गंभीर मानते हुए अगले तीन दिनों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इसका साफ संकेत है कि अभी ठंड और कोहरे से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। ट्रेनों की भारी देरी ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी है, स्टेशन पर लोग घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।
सर्दी के साथ ‘स्मॉग’ का कहर, AQI ने डराया
आगरा इस समय ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार झेल रहा है। शुक्रवार को छाई घनी धुंध ने न केवल सर्दी बढ़ाई, बल्कि हवा की गुणवत्ता को भी बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया। धूलियागंज इलाके में AQI 500 तक दर्ज किया गया, जबकि शहर के अन्य इलाकों में यह 350 के पार रहा। जहरीली हवा के चलते लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायतें बढ़ गई हैं, जिससे अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जीरो विजिबिलिटी के कारण रेल और सड़क यातायात प्रभावित होने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
