T20 World Cup 2026 : टीम इंडिया का अनजान हीरो, कभी चलाता था स्कूल बस, लगातार दो बार दिलाई वर्ल्ड कप जीत

punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 05:52 AM (IST)

नेशनल डेस्कः टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत का जश्न पूरे देश में मनाया जा रहा है। इस जीत का श्रेय भले ही मैदान पर खेलने वाले 15 खिलाड़ियों को दिया जा रहा हो, लेकिन टीम के पर्दे के पीछे काम करने वाले सपोर्ट स्टाफ का योगदान भी उतना ही अहम रहा है।

इन्हीं में से एक नाम है नुवान सेनेविरत्ने, जिन्हें टीम इंडिया में प्यार से ‘बव्वा’ कहा जाता है। श्रीलंका के रहने वाले नुवान भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में लेफ्ट आर्म थ्रो-डाउन स्पेशलिस्ट के तौर पर काम करते हैं और बल्लेबाजों को खास तरह की प्रैक्टिस कराते हैं। माना जा रहा है कि उनकी मेहनत ने टीम इंडिया को लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने में बड़ी भूमिका निभाई है।

भारत की जीत के बाद मनाया खास जश्न

टीम इंडिया के टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद नुवान सेनेविरत्ने ने अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की। इस तस्वीर में नुवान सेनेविरत्ने टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी के साथ नजर आ रहे हैं। उन्होंने टीम इंडिया के साथ हासिल हुई अपनी उपलब्धि को भी फैंस के साथ साझा किया। नुवान सेनेविरत्ने ने लिखा, ‘2023- इस जगह ने मुझे कई यादें दी। 2026- इस जगह ने मेरे लिए नई यादें तैयार की। 2024 और 2026- लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी. टीम इंडिया. हमेशा के लिए।’

बल्लेबाजों को खास प्रैक्टिस कराते हैं नुवान

नुवान सेनेविरत्ने को टीम इंडिया का अनदेखा हीरो इसलिए कहा जाता है क्योंकि उनका काम सीधे मैच में दिखाई नहीं देता, लेकिन खिलाड़ियों की तैयारी में उनकी बड़ी भूमिका होती है। वह भारतीय बल्लेबाजों को बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ खेलने की प्रैक्टिस कराते हैं। अलग-अलग एंगल और स्पीड से गेंद फेंककर वह बल्लेबाजों को मुश्किल परिस्थितियों के लिए तैयार करते हैं। उनकी मेहनत की वजह से भारतीय बल्लेबाजी लाइन-अप मजबूत हुई और बड़े टूर्नामेंटों में खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर हुआ। टीम इंडिया के चैंपियन बनने के बाद श्रीलंकाई मीडिया में भी उनकी काफी तारीफ हुई और बताया गया कि कैसे श्रीलंका का एक शख्स भारत की सफलता में अहम योगदान दे रहा है।

कभी स्कूल बस चलाकर चलाया परिवार

नुवान सेनेविरत्ने का जन्म 14 नवंबर 1979 को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में हुआ था। उन्होंने साल 2004 में सिर्फ दो फर्स्ट-क्लास मैच खेले, लेकिन उनका क्रिकेट करियर ज्यादा लंबा नहीं चल पाया। परिवार की जिम्मेदारियों के कारण उन्हें कोलंबो में स्कूल बस चलाने का काम भी करना पड़ा। इसके साथ-साथ वह स्थानीय क्रिकेट मैदानों पर खिलाड़ियों को प्रैक्टिस भी कराते थे। कहा जाता है कि साल 2017 में जब भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर गई थी, तब विराट कोहली की नजर उन पर पड़ी। उनकी खास थ्रो-डाउन स्किल्स को देखकर उन्हें भारतीय टीम के साथ काम करने का मौका मिला। इसके बाद Asia Cup 2018 से वह आधिकारिक तौर पर टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बन गए और तब से लगातार टीम के साथ जुड़े हुए हैं।

मेहनत से बदल दी जिंदगी

स्कूल बस चलाने से लेकर दुनिया की सबसे सफल क्रिकेट टीमों में से एक के साथ काम करने तक का सफर नुवान सेनेविरत्ने की मेहनत और लगन की कहानी है। भले ही उनका नाम सुर्खियों में कम आता हो, लेकिन भारतीय टीम की बड़ी जीतों के पीछे उनकी भूमिका को अब क्रिकेट फैंस भी पहचानने लगे हैं। यही वजह है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत के बाद उन्हें टीम इंडिया का “अनजान हीरो” कहा जा रहा है।


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Content Writer

Pardeep

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