SC का राजनीतिक पार्टियों को निर्देश, उम्मीदवारों के क्रिमिनल रिकॉर्ड बेवसाइट्स पर करें अपलोड

2020-02-13T13:47:17.177

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम निर्देश जारी करते हुए राजनीतिक दलों से कहा कि वह अपने उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड को अपनी बेवसाइट्स पर अपलोड करे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस आदेश का पालन न करने पर अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि इसके बार में चुनाव आयोग को 72 घंटे में जानकारी देनी होगी। कोर्ट ने आदेश में कहा कि पार्टियां उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड को अखबारों, बेवसाइट्स और सोशल साइट्स पर प्रकाशित करे। साथ ही कोर्ट ने सवाल किया कि ऐसी क्या मजबूरी है कि पार्टियां आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट देती हैं।

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सुप्रीम कोर्ट यह भी तय करेगा कि क्या राजनीतिक दलों को ऐसे लोगों को चुनाव के टिकट देने से रोका जा सकता है, जिनके खिलाफ गंभीर अपराध के मामले में आरोप तय हो चुके हों। बता दें कि राजनीति में बढ़ते अपराधीकरण के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।

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भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की है कि कोर्ट चुनाव आयोग को निर्देश दे कि वह राजनीतिक दलों पर दबाव डाले कि पार्टियां आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को टिकट न दें और ऐसा होने पर आयोग राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्रवाई करे। उपाध्याय ने अपनी याचिका में कहा कि 2014 में दागी सांसदों की संख्या 34 फीसदी थी जो कि 2019 में बढ़कर 46 फीसद हो गई है। इसे देखते हुए चुनाव आयोग आपराधिक पृष्ठभूमि के नेताओं को टिकट न दे।

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Seema Sharma

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