सम्मान मिला, नेम प्लेट लगी लेकिन पेंशन नहीं : पाकिस्तान से आए 100 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी लगा रहे गुहार
punjabkesari.in Thursday, Sep 10, 2026 - 09:46 PM (IST)
हिसार: विभाजन के समय पाकिस्तान से भारत आए करीब 100 साल के स्वतंत्रता सेनानी नादर सिंह की जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द आज भी अधूरा है। आजादी से पहले पाकिस्तान के ख्याली नेकी गांव में रहने वाले नादर सिंह को बंटवारे के दौरान भारत आने पर जमीन और अन्य सुविधाएं देने का भरोसा दिया गया था। इसके बाद वे जहाज के जरिए भारत आकर हिसार में बस गए थे। हालांकि, उम्र के इस आखिरी पड़ाव में भी उनकी स्वतंत्रता सेनानी पेंशन का मामला अटका हुआ है और उन्हें वे सुविधाएं नहीं मिलीं जिनका वादा किया गया था।
आगजनी में जले दस्तावेज, दफ्तरों के चक्कर काट रहा परिवार
नादर सिंह के बेटे सरूप सिंह ने बताया कि उनके पिता स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं और उन्होंने भारत आने के बाद अपनी पहचान व जरूरी दस्तावेज बनवाए थे। राजस्थान के अलवर में रहने वाले रिश्तेदारों के यहां एक आगजनी की घटना में उनके कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए थे। इसके बाद से परिवार दस्तावेजों की प्रतियां लेकर वर्षों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है।
नेम प्लेट लगी, लेकिन चंडीगढ़ से रिकॉर्ड न मिलने पर अटका मामला
नादर सिंह हाल ही में अपनी पेंशन के सिलसिले में हिसार पहुंचे थे, जहां अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उनका क्षेत्र अब फतेहाबाद जिले में आता है। परिवार का कहना है कि फतेहाबाद में नादर सिंह का सम्मान किया जाता है और उनके नाम की नेम प्लेट भी लगाई गई है, लेकिन पेंशन शुरू नहीं हो सकी। फतेहाबाद के अधिकारियों ने सभी दस्तावेज तैयार करके चंडीगढ़ भेजे थे, लेकिन कुछ महीनों बाद जवाब आया कि पुराने रिकॉर्ड में नादर सिंह का नाम नहीं मिल रहा है, जिससे मामला आगे नहीं बढ़ पाया।
प्रशासन से रिकॉर्ड की दोबारा जांच की मांग
नादर सिंह की उम्र अब इतनी अधिक हो चुकी है कि कई बार उन्हें खाना-पीना तक याद नहीं रहता। उनके बेटे ने बताया कि करीब दो साल पहले फिर से पूरी फाइल तैयार कर जमा कराई गई थी। अब पीड़ित परिवार प्रशासन और सरकार से गुहार लगा रहा है कि पुराने रिकॉर्ड की दोबारा गहनता से जांच की जाए और लंबित पेंशन मामले का जल्द से जल्द समाधान कर उन्हें हक दिलाया जाए।
