पाकिस्तान में सच बोलने पर सिख पत्रकार का करियर तबाह, एंकर हरमीत सिंह को बेबाक कवरेज की मिल रही सजा
punjabkesari.in Thursday, Sep 03, 2026 - 02:54 PM (IST)
Islamabad: पाकिस्तान के सिख पत्रकार और टीवी एंकर हरमीत सिंह ने दावा किया है कि स्वतंत्र और बेबाक पत्रकारिता के कारण उन्हें लगातार निशाना बनाया गया। उनका आरोप है कि पहले उन्हें टीवी स्क्रीन से हटाया गया और बाद में राजनीतिक विश्लेषक के तौर पर अलग-अलग चैनलों पर आने से भी रोक दिया गया। हरमीत ने अपने छोटे मीडिया कार्यालय पर पुलिस कार्रवाई और उपकरण जब्त किए जाने का भी दावा किया है। हरमीत सिंह के मुताबिक, वह पाकिस्तान के सिख समुदाय से मुख्यधारा के मीडिया में पहुंचने वाले शुरुआती पत्रकारों में से एक हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक संदेश में कहा कि एक हाशिये पर रहने वाले समुदाय से निकलकर मुख्यधारा की पत्रकारिता तक पहुंचना आसान नहीं था। उनके समुदाय के कुछ लोग उनसे यह सवाल भी करते थे कि वह पत्रकारिता में क्यों बने हुए हैं, कोई दूसरा पेशा या कारोबार क्यों नहीं करते।
हरमीत ने दावा किया कि परेशानी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की कवरेज के बाद शुरू हुई। उनके अनुसार, नवंबर 2024 में उनकी कवरेज के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए, जिनमें इस्लामाबाद में FIR और पेशावर में शुरू की गई जांच भी शामिल है। उनके अनुसार, मामला अदालत में विचाराधीन है। हरमीत ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके छोटे मीडिया कार्यालय पर छापा मारा और वहां से कंप्यूटर, कैमरे, माइक्रोफोन और अन्य उपकरण जब्त कर लिए। हरमीत सिंह ने अपने ऊपर लगे किसी भी देश-विरोधी या प्रचार से जुड़े आरोप को खारिज किया। उनका कहना है कि उनकी पत्रकारिता का फोकस लोकतंत्र, संविधान की सर्वोच्चता और आम नागरिकों की समस्याओं पर रहा है।
उन्होंने कहा कि उनका नजरिया दूसरों से अलग हो सकता है और शायद यही उनके लिए समस्या बन गया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी पाकिस्तान के खिलाफ काम नहीं किया और न ही अपने देश के खिलाफ किसी तरह के प्रचार में हिस्सा लिया। सिख बुद्धिजीवी अवतार सिंह ने इस मामले पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी सिख पत्रकार के कार्यालय पर कथित तौर पर छापा मारना और स्वतंत्र रूप से पत्रकारिता करने के कारण कार्रवाई किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने दुनिया भर के सिख समुदाय से पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यक सिख समुदाय में भरोसा कायम करने के लिए इस मामले की निंदा करने की अपील की।
अवतार सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से भी आग्रह किया कि वह भारत सरकार के सामने यह मामला उठाए और पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ राजनयिक माध्यमों से इस मुद्दे पर बातचीत की मांग करे।उन्होंने अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज से भी दुनिया भर के सिखों से पाकिस्तान के सिख समुदाय के साथ एकजुटता दिखाने की अपील करने का आग्रह किया।हरमीत सिंह का कहना है कि उनकी पत्रकारिता किसी देश के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक अधिकारों और आम लोगों की समस्याओं को सामने रखने पर केंद्रित रही है। उनका दावा है कि बेबाक और स्वतंत्र तरीके से सवाल उठाने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया।
