नेपाल सियासी घमासानः ‘प्रचंड’ का आरोप- भारत के इशारे पर नाच रहे PM ओली, उसी की शह पर संसद की भंग !

2021-01-14T12:39:05.38

काठमांडू: नेपाल में चल रहे सिसायी घमासान के बीच  कम्युनिस्ट पार्टी के एक धड़े के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ का भारत को लेकर विवादित बयान सामने आया है।  ‘प्रचंड’ ने बुधवार को प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली पर भारत के इशारे पर सत्तारूढ़ दल को विभाजित और संसद को भंग करने का आरोप लगाया। नेपाल एकेडमी हॉल में अपने दल की बैठक को संबोधन दौरान प्रचंड ने कहा कि प्रधानमंत्री ने निकट अतीत में आरोप लगाया था कि ‘‘एनसीपी के कुछ नेता भारत की शह पर उनकी सरकार को गिराने की साचिश रच रहे थे। ’’

 

प्रचंड ने कहा कि उनके धड़े ने बस इसलिए ओली को इस्तीफ देने के लिए बाध्य नहीं किया क्योंकि इससे एक संदेश जाता कि ओली का बयान सच है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि अब क्या ओली ने भारत के निर्देश पर पार्टी को विभाजित कर दिया और प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया? ’’ उन्होंने कहा कि सच नेपाल की जनता के सामने आ गया। प्रचंड ने आरोप लगाया, ‘‘ ओली ने भारत की खुफिया शाखा रॉ के प्रमुख सामंत गोयल के बालुवतार में अपने निवास पर किसी भी तीसरे व्यक्ति की गैरमौजूदगी में तीन घंटे तक बैठक की जो स्पष्ट रूप से ओली की मंशा दर्शाता है।’’ उन्होंने प्रधानमंत्री पर बाहरी ताकतों की गलत सलाह लेने का आरोप लगाया।


 

प्रचंड ने कहा कि प्रतिनिधि सभा को भंग करके ओली ने संविधान एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था को एक झटका दिया  है। बता दें कि नेपाल 20 दिसंबर को तब राजनीतिक संकट में फंस गया जब चीन समर्थक समझे जाने वाले ओली ने प्रचंड के साथ सत्ता संघर्ष के बीच अचानक प्रतिनिधि सभा भंग करने की सिफारिश कर दी। राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने उनकी अनुशंसा पर उसी दिन प्रतिनिधि सभा को भंग कर 30 अप्रैल और 10 मई को नए चुनावों की तारीख का ऐलान भी कर दिया था। 


Tanuja

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