Noida International Airport Inauguration: PM मोदी ने किया नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्दघाटन
punjabkesari.in Saturday, Mar 28, 2026 - 12:49 PM (IST)
नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण का उद्घाटन किया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक और केन्द्रीय नागरिक विमानन मंत्री के राम मोहन नायडू समेत कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में प्रधानमंत्री मोदी लगभग 11,200 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण समेत कार्गो हब का उद्घाटन किया।

इस मौके पर योगी ने फिरोजाबाद में बनी कांच की गौतम बुद्ध की प्रतिमा प्रधानमंत्री को स्मृतिचिन्ह के रूप में भेंट की। समारोह को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने भी संबोधित किया। इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सुबह 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ''नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा आज एक और स्वर्णिम शिखर को स्पर्श करने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के कर-कमलों से आज नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, जेवर के प्रथम चरण का भव्य उद्घाटन होने जा रहा है।''

योगी ने कहा, ''जेवर का यह हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश के विकास का 'रनवे' है। यहां से युवाओं के सपने उड़ान भरेंगे, संभावनाएं साकार होंगी और भविष्य नयी ऊंचाइयों को स्पर्श करेगा। इस युगांतरकारी परियोजना को धरातल प्रदान करने वाले हमारे किसान भाइयों को विशेष बधाई, आपके समर्पण से ही यह विकास संभव हुआ है। 25 करोड़ प्रदेश वासियों की ओर से प्रधानमंत्री जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।'' जेवर के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) दुर्गेश सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम में 1.5 लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है, जिसके लिए पार्किंग की सुविधा समेत तमाम तरह के पुख्ता इंतजाम किए गए। एसडीएम ने बताया कि हापुड़, बुलंदशहर और गाज़ियाबाद जैसे आस-पास के ज़िलों से आने वाले लोगों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए 'कलर कोडिंग' (रंगों के आधार पर पहचान) की व्यवस्था लागू की गई है। इस हवाई अड्डो को लेकर आसपास के इलाकों में रहने वाले हर वर्ग के लोगों में खुशी की लहर है और लोगों में इससे रोजगार और सुविधाओं की उम्मीद जगी है। फरीदाबाद की एक निजी कंपनी में काम करने वाले 36 वर्षीय कर्मचारी संजीव यादव ने कहा कि इस हवाई अड्डे से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। टैक्सी चालक सतीश ने कहा कि इस नए हवाई अड़डे से उन्हें ज्यादा सवारियां मिलेंगी।
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The inauguration of Phase-I of Noida International Airport marks a major step in Uttar Pradesh’s growth story and India’s aviation future. https://t.co/8OLduHTZU8
— Narendra Modi (@narendramodi) March 28, 2026
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उन्होंने कहा, ''जब हम दिल्ली हवाई अड्डे जाते हैं, तो यातायात जाम की वजह से बहुत अधिक समय लगता है, लेकिन यहां पहुंचने में सिर्फ 30-40 मिनट लगेंगे।'' स्थानीय निवासी नंदिता गुर्जर (45) ने कहा कि इस परियोजना से इस इलाके को, खासकर महिलाओं को बहुत फायदा होगा। उन्होंने कहा, ''अब महिलाओं को नौकरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।'' एक निजी कॉलेज की छात्रा श्रेष्ठा ने कहा कि इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां आकर्षित होंगी और स्थानीय आधारभूत सुविधाएं और रोजगार के मौके बेहतर होंगे। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन प्रणालियों के निर्बाध जुड़ाव के साथ बहु-मॉडल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।

बयान के अनुसार हवाई अड्डे में एक बहु-मॉडल कार्गो हब भी शामिल है, जिसे प्रतिवर्ष 2.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक माल ढुलाई के लिए तैयार किया गया है। बयान के अनुसार इस क्षमता को लगभग 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकता है। बयान के अनुसार हवाई अड्डे की प्रारंभिक यात्री संचालन क्षमता 1.2 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष होगी, जिसे सात करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने टर्मिनल का निरीक्षण भी किया। बयान में बताया गया कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन भारत के वैश्विक विमानन केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में परिकल्पित यह हवाई अड्डा, देश के हवाई अड्डा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संपर्क को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बयान के मुताबिक, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया गया है, जो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पूरक है। ये दोनों हवाई अड्डे एकीकृत विमानन प्रणाली के रूप में सेवाएं देंगे, जिससे यात्रियों की बड़ी संख्या को नियंत्रित किया जा सकेगा, यात्री क्षमता में वृद्धि होगी और दिल्ली एनसीआर को वैश्विक विमानन केंद्रों में अग्रणी स्थान प्राप्त होगा।
