मन की बात में बोले PM मोदी- सत्ता में नहीं सेवा में रहना चाहता हूं...मैं देश की जनता का एक सेवक

punjabkesari.in Sunday, Nov 28, 2021 - 11:33 AM (IST)

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा कि दिसंबर महीने Navy Day और Armed Forces Flag Day भी देश मनाता है। हम सबको मालूम है 16 दिसंबर को 1971 के युद्ध का स्वर्णिम जयंती वर्ष भी देश मना रहा है। मैं इन सभी अवसरों पर देश के सुरक्षा बलों का स्मरण करता हूं, हमारे वीरों का स्मरण करता हूं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मुझे सत्ता में रहने का लोभ नहीं है बल्कि मैं हमेशा सेवा में रहना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ देश की जनता का सेवक हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद देश सेवा के लिए होता है।

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बता दें कि पीएम मोदी के मन की बात का यह 83वां एपिसोड है। पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को देशवासियों से मन की बात करते हैं जिसमें समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। पीएम मोदी के कार्यक्रम का प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो न्यूज और मोबाइल एप पर होता है। 

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मन की बात के प्रमुख अंश

  • अमृत महोत्सव, सीखने के साथ ही हमें देश के लिए कुछ करने की भी प्रेरणा देता है, अब तो देश-भर में आम लोग हों या सरकारें, पंचायत से लेकर parliament तक, अमृत महोत्सव की गूंज है और लगातार इस महोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों का सिलसिला चल रहा है।
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  • आजादी में अपने जनजातीय समुदाय के योगदान को देखते हुए देश ने जनजातीय गौरव सप्ताह भी मनाया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इससे जुड़े कार्यक्रम भी हुए। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में जारवा और ओंगे, ऐसे जनजातीय समुदायों के लोगों ने अपनी संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन किया।
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  • पिछले दिनों दिल्ली में 'आजादी की कहानी-बच्चों की जुबानी’ कार्यक्रम में बच्चों ने स्वाधीनता संग्राम से जुड़ी गाथाओं को प्रस्तुत किया। खास बात ये रही कि इसमें भारत के साथ नेपाल, मौरिशस, तंजानिया, न्यूजीलैंड और फीजी के students भी शामिल हुए।
  • वृन्दावन के बारे में कहा जाता है कि ये भगवान के प्रेम का प्रत्यक्ष स्वरूप है।

हमारे संतों ने भी कहा है –
यह आसा धरि चित्त में, यह आसा धरि चित्त में, कहत जथा मति मोर।
वृंदावन सुख रंग कौ, वृंदावन सुख रंग कौ, काहु न पायौ और।

  • हमारे स्वतंत्रता  संग्राम में झांसी और बुंदेलखंड का कितना बड़ा योगदान है, ये हम सब जानते हैं। यहां रानी लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई जैसी वीरांगनाएं भी हुईं और मेजर ध्यानचंद जैसे खेल रत्न भी इस क्षेत्र ने देश को दिये हैं।
  • प्रकृति से हमारे लिये खतरा तभी पैदा होता है जब हम उसके संतुलन को बिगाड़ते हैं या उसकी पवित्रता नष्ट करते हैं। प्रकृति मां की तरह हमारा पालन भी करती है और हमारी दुनिया में नए-नए रंग भी भरती है।
  • अभी मैं social media पर देख रहा था, मेघालय में एक flying boat की तस्वीर खूब viral हो रही है।
  • पहली ही नज़र ये तस्वीर हमें आकर्षित करती है। आपमें से भी ज्यादातर लोगों ने इसे online जरूर देखा होगा। नदी का पानी इतना साफ़ है कि हमें उसकी तलहटी दिखती है।
  • हमारे देश में अनेक राज्य हैं, अनेक क्षेत्र है जहां के लोगों ने अपनी प्राकृतिक विरासत के रंगों को संजोकर रखा है। इन लोगों ने प्रकृति के साथ मिलकर रहने की जीवनशैली आज भी जीवित रखी है। ये हम सबके लिए भी प्रेरणा है।
  • हमारे आस-पास जो भी प्राकृतिक संसाधन है, हम उन्हें बचाएं, उन्हें फिर से उनका असली रूप लौटाएं। इसी में हम सबका हित है, जग का हित है।
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Content Writer

Seema Sharma

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