12,328 करोड़ की लागत से चार नई रेलवे परियोजनाओं को केंद्र की मंजूरी, कच्छ के रण से जुडे़गी नई रेलवे लाइन
punjabkesari.in Thursday, Aug 28, 2025 - 03:54 PM (IST)

नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को रेल मंत्रालय की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। इन परियोजनाओं पर कुल लागत लगभग ₹12,328 करोड़ आएगी। प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, "कनेक्टिविटी और नेक्स्ट-जेन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमारा ध्यान आज के कैबिनेट के फैसले में फिर से दिखाई देता है। यह कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और असम को लाभ पहुंचाने वाले तीन प्रोजेक्ट्स की मल्टी-ट्रैकिंग और गुजरात के कच्छ के दूरदराज के इलाकों में एक नई रेलवे लाइन से संबंधित है।"
5 राज्यों को मिलेगा लाभ
इन चार परियोजनाओं में से तीन मल्टी-ट्रैकिंग से जुड़ी हैं, जिनका लाभ कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और असम राज्यों को मिलेगा। वहीं, एक नई रेलवे लाइन गुजरात के कच्छ क्षेत्र को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रस्तावित की गई है। इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य यात्रियों और माल दोनों के लिए तेज, निर्बाध और कुशल परिवहन सुनिश्चित करना है। इससे न केवल यात्रा सुविधा बेहतर होगी, बल्कि लॉजिस्टिक लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
सरकार ने कहा है कि ये परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देंगी, क्योंकि इससे CO₂ उत्सर्जन में कमी आएगी और टिकाऊ रेल संचालन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इन परियोजनाओं के निर्माण से लगभग 251 लाख मानव दिवसों का प्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होगा। प्रस्तावित नई रेल लाइन विशेष रूप से कच्छ के दूरस्थ क्षेत्रों को कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और नमक, सीमेंट, कोयला, क्लिंकर और बेंटोनाइट जैसे माल के परिवहन में सहायक सिद्ध होगी।
कच्छ का रण रेल से होगा कनेक्ट
परियोजना का रणनीतिक महत्व इस बात में भी है कि यह कच्छ के रण को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। इसके अंतर्गत धोलावीरा का हड़प्पा स्थल, कोटेश्वर मंदिर, नारायण सरोवर और लखपत किला जैसी ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों को रेल संपर्क मिलेगा। इस परियोजना में 13 नए रेलवे स्टेशन शामिल होंगे, जिससे 866 गांवों और लगभग 16 लाख लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
मल्टी-ट्रैकिंग से जुड़ी तीन अन्य परियोजनाएं कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और असम राज्यों में कुल 3,108 गांवों और लगभग 47.34 लाख की आबादी को बेहतर रेल कनेक्टिविटी देंगी। इन सभी योजनाओं को पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श से तैयार किया गया है। चारों परियोजनाएं कुल मिलाकर 13 जिलों को कवर करेंगी और भारतीय रेलवे के नेटवर्क को 565 किलोमीटर तक विस्तार देंगी।
माल में परिवहन होगी सुविधा
इन रेल परियोजनाओं से कोयला, सीमेंट, फ्लाई ऐश, स्टील, कंटेनर, उर्वरक, कृषि वस्तुएं और पेट्रोलियम उत्पादों जैसे माल के परिवहन में सुविधा होगी। रेलवे को एक हरित, पर्यावरण-सम्मत और ऊर्जा-कुशल परिवहन माध्यम मानते हुए, सरकार ने उम्मीद जताई है कि ये परियोजनाएं तेल आयात में लगभग 56 करोड़ लीटर की कमी और 360 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में गिरावट का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं का उद्देश्य महत्वपूर्ण माल मार्गों पर लाइन क्षमता में वृद्धि, लॉजिस्टिक दक्षता में सुधार और आपूर्ति श्रृंखलाओं के अनुकूलन के जरिए तेज आर्थिक विकास को गति देना है।