भारत में शरण मांगने वाले PAK विधायक को पाकिस्तानी सिंगर से मिल रही धमकियां

9/11/2019 11:03:25 AM

पेशावर: पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के पूर्व विधायक बलदेव कुमार को भारत में शरण मांगने पर पाक से धमकियां मिलनी शुरू हो गई हैं। बलदेव सिंह को पाकिसस्तानी सिंगर लायलपुरिया ने उनके भारत के शरण मांगने पर इसका परिणाम भुगतने की धमकी दी है।  उधर, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में एक मंत्री ने मंगलवार को कहा कि सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को पूर्व पार्टी सदस्य और विधायक बलदेव कुमार के भारत में राजनीतिक शरण मांगने पर कोई आपत्ति नहीं है।

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कुमार अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ पिछले महीने भारत आए थे। ह इस समय पंजाब के लुधियाना जिले के खन्ना में रह रहे हैं। कुमार ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान इसलिए छोड़ा क्योंकि अल्पसंख्यकों को ‘वहां उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है'। खैबर पख्तूनख्वा के सूचना मंत्री शौकत अली यूसफजई ने मीडिया से कहा कि कुमार जहां कहीं भी रहना चाहते हैं, उन्हें इसकी आजादी है।कुमार ने तीन वर्ष तक खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले में पीटीआई अध्यक्ष के तौर पर काम किया था ।

 

यूसफजई ने कहा कि कुमार का पीटीआई से कोई लेना देना नहीं है क्योंकि उन्हें 2013 से 2018 तक खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री के विशेष सहायक रहे सरदार सोरन सिंह की हत्या में कथित भूमिका के चलते पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। इससे पहले कुमार ने लुधियाना में संवाददाताओं से कहा था कि पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देता है और वहां मुसलमान तक सुरक्षित नहीं हैं। बता दें, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के एक पूर्व विधायक ने पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों से उनके अधिकार छीने जाने का आरोप लगाते हुए भारत में शरण मांगी है। बलदेव कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि आतंकवाद को पाकिस्तान में समर्थन मिल रहा है।

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कुमार ने खन्ना में मंगलवार को पत्रकारों से कहा, ‘मैं यहां शरण मांगने आया हूं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मदद का आग्रह करूंगा।' यह पूछे जाने पर कि वह अपना देश छोड़कर भारत क्यों आए, कुमार ने कहा, ‘सारी दुनिया देख रही है कि पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति क्या है। हमें (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान) खान साहब से उम्मीद थी कि उनके (सत्ता में) आने के बाद पाकिस्तान की किस्मत बदलेगी लेकिन वह (इमरान) ऐसा करने में नाकाम रहे। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘खान साहब नए पाकिस्तान की बात कर रहे थे यद्यपि पुराना पाकिस्तान नए पाकिस्तान से बेहतर था।


Tanuja