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हवा के जरिए फैल रही महामारी, 32 देशों के वैज्ञानिकों के दावे ने दुनिया की बढ़ाई चिंता

2020-07-06T09:10:33.213

नेशनल डेस्क: कोरोना वायरस ने दुनिया भर में तहलका मचा दिया है। इस महामारी से बचने को लेकर जहां पुरजोर कोशिश की जा रही है तो वहीं इसे लेकर दावों का दौर भी जारी है। अब इसी बीच वैज्ञानिकों ने हैरान कर देने वाला दावा पेश किया है। उनके अनुसार हवा से भी कोराना फैलता है। 

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32 देशों के 239 वैज्ञानिकों के अपनी रिसर्च में पाया कि हवा के साथ छोटे कणों में चिपककर कोरोना वायरस लोगों को संक्रमित कर सकता है। वैज्ञानिकों की मानें तो संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाले बड़े ड्रॉपलेट के साथ ही उसके सांस छोड़ने के दौरान बाहर आने वालीं पानी की छोटी-छोटी बूंदें भी कमरे जितनी लम्बाई तक हवा में फैल सकती हैं और किसी दूसरे व्यक्ति को संक्रमित बना सकती हैं। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस बात से कई बार इंकर किया है। 
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WHO का कहना है कि कोरोना एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तब फैलता है, जब संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने के दौरान उसके मुंह या नाक से निकलने वालीं पानी की बूंदें दूसरे व्यक्ति तक पहुंचती हैं। हालांकि 239 वैज्ञानिकों मानते हैं  कि जब दूसरे लोग सांस खींचते हैं तो हवा में मौजूद यह वायरस शरीर में एंट्री कर उसे संक्रमित कर देता है। 

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इन सभी वैज्ञानिकों ने WHO को एक ओपन भीलेटर भेजा है। उन्होंने कहा कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं, जिससे यह माना जाए कि इस वायरस के छोटे-छोटे कण हवा में तैरते रहते हैं, जो लोगों को संक्रमित कर सकते हैं। WHO के डॉ. बेनेडेटा अलेंग्रांज़ी ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा था कि कई बार बताया है कि हम इस बात पर विचार कर रहे हैं कि ये बीमारी हवा के माध्यम से फैल सकती है लेकिन इसे साबित करने के लिए कोई ठोस या स्पष्ट प्रमाण नहीं हैं। वैश्विक स्तर पर 1 करोड़ 15 लाख 44 हजार से ज्यादा लोग कोरोना कीचपेट में आ चुके हैं और 5 लाख 36 हजार से ज्यादा लोगों की इसके चलते मौत हो चुकी है। 
 


vasudha

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