अगले 48 घंटे भारी: दिल्ली समेत इन 11 राज्यों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि मचाएंगे तांडव, भारी बारिश की भी चेतावनी जारी
punjabkesari.in Wednesday, May 06, 2026 - 09:17 AM (IST)
IMD Rain Alert 11 States : उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 11 राज्यों के लिए आंधी-तूफान और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 5 मई की रात दिल्ली-NCR और यूपी के कई हिस्सों में हुई झमाझम बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी है वहीं अब तेज हवाओं और बिजली गिरने के खतरे ने चिंता बढ़ा दी है।

इन 11 राज्यों में बिगड़ा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार आज (6 मई) यूपी, बिहार, दिल्ली, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल और पश्चिम बंगाल में मौसम बिगड़ा रहेगा। इस दौरान 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।

दिल्ली-एनसीआर में आज आसमान में बादल छाए रहेंगे और बिजली कड़कने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 7 मई से तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जाएगी। वहीं उत्तर प्रदेश के लखनऊ समेत पूर्वी यूपी के जिलों (वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर) में तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है। गोरखपुर, मथुरा और कन्नौज में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना है।

बात करें अगर बिहार की तो 8 मई तक पूरे राज्य में तूफान और बारिश का खतरा है। गया, औरंगाबाद और पूर्वी चंपारण में सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। इसके बाद अगले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर और रीवा समेत कई जिलों में 60km की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और ओले गिर सकते हैं। 10 मई से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे सकता है।

वहीं राजस्थान के जयपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। हालांकि 8 मई के बाद बीकानेर और जोधपुर में पारा 46 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। झारखंड के 10 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। रांची, धनबाद और बोकारो में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बात करें अगर पहाड़ी राज्य (UK-HP) की तो उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। देहरादून और शिमला में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
फिलहाल मौसम विभाग ने पूर्वी भारत में बिजली गिरने (Lightning) की घटनाओं को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा है। लोगों को सलाह दी गई है कि आंधी के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने का सुझाव दिया गया है। तेज हवाओं के समय कच्चे मकानों और होर्डिंग्स से दूर रहें।
